ओमीक्रॉन : WHO की रिपोर्ट यह वायरस फिलहाल कम खतरनाक, मगर एहतियात बरतना बेहद जरूरी

डेस्क रिपोर्ट।  पूरे देश में चिंता का विषय बन चुके कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई रिपोर्ट राहत देने वाली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ओमीक्रॉन वायरस भारत समेत दुनिया के 40 देशों में फैल चुका है, लेकिन अब तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। इस तरह ओमीक्रॉन कम खतरनाक साबित हो रहा है। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर यह बात कही गई है। हालांकि विस्तृत रिपोर्ट मिलने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है। इस बीच, भारत में ओमीक्रॉन की एंट्री के बाद अलर्ट है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि कुछ संदिग्ध मरीज लापता है। जब तक इनका पता नहीं लगा लिया जाता, टेंशन बनी रहेगी।

बड़ी खबर: MP की कैबिनेट मंत्री की अचानक तबियत बिगड़ी, सारे कार्यक्रम रद्द

भारत में ओमीक्रॉन के अब तक चार मामलें सामने आए है

भारत में ओमीक्रॉन का पहला मामला एक 66 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी नागरिक में मिला, जो अब भारत छोड़ चुका है। प्राइमरी और सेकेंडरी तौर पर उसके संपर्क में आए लोगों की जांच करने पर रिपोर्ट निगेटिव आई है। ये शख्स 20 नवंबर को बेंगलुरु पहुंचा और हवाई अड्डे पर उसकी जांच की गई। भारत में ओमीक्रॉन वेरिएंट का दूसरा मामला भी कर्नाटक में मिला। एक 46 वर्षीय डॉक्टर इस वेरिएंट से संक्रमित पाया गया है। जिसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉक्टर ने 21 नवंबर को हल्के लक्षणों की सूचना दी और उनकी जांच की गई। चूंकि उनकी रिपोर्ट में बहुत अधिक वायरल लोड का संकेत देने वाली कम सीटी वैल्यू थी, इसलिए उनका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया और फिर ओमीक्रॉन की पुष्टि हुई।

कर्मचारियों की सैलरी में आएगा फिर बंपर उछाल, 18 महीने के अटके DA arrears पर लेटेस्ट अपडेट

भारत में ओमीक्रॉन वेरिएंट का तीसरा मामला 72 वर्षीय व्यक्ति में मिला, जो जिम्बाब्वे से गुजरात के जामनगर पहुंचा था। वह 28 नवंबर को यहां पहुंचे और 2 दिसंबर को ओमीक्रॉन से संक्रमित मिले उनका टीकाकरण पूरा हो चुका था। जहां तक ​​लक्षणों की बात है, तो उन्हें थोड़ी कमजोरी थी और गले में खराश थी। वह कई सालों से जिम्बाब्वे में रह रहे थे और अपने ससुर से मिलने गुजरात पहुंचे थे।

शाजापुर में हादसा, तालाब में डूबे तीन मासूम दोस्त

भारत में ओमीक्रॉन वेरिएंट का चौथा मामला एक 33 साल से मरीन इंजीनियर में मिला वह अप्रैल से ही जहाज पर थे इसलिए उनका टीकाकरण नहीं हुआ है इस बात की जानकारी कल्याण डोंबिवली नगर निगम अधिकारी ने दी है वह नवंबर के आखिर तक जहाज पर थे और फिर दुबई के रास्ते दक्षिण अफ्रीका से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे. अब उन्हें एहतियात के तौर पर कल्याण के एक कोविड सेंटर में रखा गया है 24 नवंबर को उन्हें हल्का बुखार आया था। अधिकारियों के अनुसार, उनके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।