हाफिज सईद के ‘जमात-उद-दावा’ को पाकिस्तान ने किया बैन, लेकिन भारत ने नही

Pakistan-ban-'Jamaat-ud-Dawa'-of-Hafiz-Saeed

नई दिल्ली।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से घिर गया है। एयर स्ट्राइक के बाद भी भारत-पाक के बीच जमकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।भारत के साथ साथ विदेश में भी पाकिस्तान की जमकर किरकिरी हो रही है। पुलवामा आंतकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े और कड़े फैसले लिए है लेकिन अब तक इस पूरे घटनाक्रम के जिम्मेदार आतंकी सरगना हाफिज सईद के संगठन जमात- उद-दावा को बैन नही किया है। भारत सरकार की बेवसाइट पर और चैरिटेबल संस्था फलाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि भारत सरकार ने अब तक इस पर प्रतिबंध नही लगाया है।जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा को बैन किया गया है,  जिसको लेकर अब ये सवाल खड़े हो रहे है कि आखिर क्या वजह है जो भारत सरकार अबतक इस पर बैन नही लगा पाई है जबकी पाकिस्तान ने खुद इसे बैन कर दिया है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान चौतरफा घिर गया है और उसने दबाव के चलते आतंकी सरगना हाफिज सईद के संगठन एंटी टेररिज्म एक्ट 1997 के तहत जमात- उद-दावा  और उसकी चैरिटेबल संस्था फलाह-ए-इंसानियत को बैन कर दिया है।चुंकी पुलवामा हमले का जिम्मेदार पाकिस्तान की सरज़मीं पर पल रहा जैश-ए-मोहम्मद है, इसे हर कोई जानता है, जिसके बाद से ही भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया और दुनियाभर में उसे घेरने की कोशिश की जिसका असर दिख रहा है। लेकिन हैरानी की बात तो ये है कि भारत में अब तक जमात उद दावा को बैन नही किया गया है।  गृह मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाइट पर प्रतिबंधित संगठन की सूची में जमात_उद_दावा का नाम ही नही है, जबकी  जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसी संगठनों का नाम लिस्ट में शामिल है। ऐसे में सवाल खड़ा होना लाजमी है कि आखिर क्यों प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में जमात_उद_दावा का नाम शामिल नहीं है । अबतक भारत सरकार द्वारा इस पर बैन क्यों नही लगाया गया है।इसके पीछे क्या वजह है। ऐसे में अब खड़े हो रहे है कि एक तरफ सरकार बदला लेने की बात कर रही है और दूसरी तरह आंतकी संगठनों को बैन ना कर खुली छूट दे रही है।

क्या है जमात_उद_दावा या JuD का नेटवर्क 

अधिकारियों के मुताबिक, जेयूडी के नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल, अस्पताल, एक प्रकाशन हाउस और ऐंबुलेंस सेवा है। दोनों समूहों के पास करीब 50,000 स्वयंसेवक हैं और सैकड़ों कर्मचारी हैं जिन्हें भुगतान किया जाता है।जेयूडी को लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन माना जाता है। इसी संगठन ने मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसमें 166 लोग मारे गए थे। इसे अमेरिका ने जून 2014 में विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है।अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने सईद को विशेष तौर पर वैश्विक आतंकवादी घोषित किया हुआ है। अमेरिका ने 2012 में सईद की सूचना देने पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम घोषित किया है।

हाफिज सईद के 'जमात-उद-दावा' को पाकिस्तान ने किया बैन, लेकिन भारत ने नहीहाफिज सईद के 'जमात-उद-दावा' को पाकिस्तान ने किया बैन, लेकिन भारत ने नही