फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में राकेश टिकैत, अब सरकार के इस फैसले का विरोध

फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में राकेश टिकैत, अब सरकार के इस फैसले का विरोध

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। कृषि कानून वापस कराकर बड़े नेता बनकर उभरे राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी में है।  राकेश टिकैत ने सरकार के ऑट्रेलिया से दूध आयात करने के फैसले के विरोध में बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी देना भी शुरू कर दी है।

कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक साल तक चले किसान आंदोलन(Former Protest) की सफलता के बाद राकेश टिकैत एक बड़े किसान नेता बनकर सामने आये हैं।  हालाँकि ये आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर पर हुआ था और इसे हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों के किसान संगठनों के नेताओं  ने लीड किया था लेकिन राकेश टिकैत सबसे बड़ा नाम बनकर उभरे।

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राकेश टिकैत अब केंद्र सरकार के एक और फैसले का विरोध करने की रणनीति बना रहे हैं।  उन्होंने अपने ट्विटर हैंडिल पर एक पोस्ट शेयर की है जिसमें उन्होंने लिखा है – सरकार ऑस्ट्रेलिया के साथ दूध खरीदने को लेकर अगले माह समझौता करने जा रही है, जिसके तहत 20-22 रुपये प्रति लीटर दूध बेचने की योजना है। सरकार के विदेशों से दूध आयात करने के फैसले से देश के पशु पालकों के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो जाएगा। किसान इसका विरोध करेंगे।

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टिकैत के इस ट्वीट को बहुत समर्थन मिल रहा है, कुछ घंटे पहले की गई इस पोस्ट को अब तक 5000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है और 22 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं।  टिकैत अब जहाँ भी जा रहे हैं इस आंदोलन की चर्चा कर किसानों को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रहे हैं।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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