ताक पर रख दिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, जमकर फूटे पटाखे, खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हुई देश की राजधानी

दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। आखिरकार मनाही के बावजूद भी पूरे देश में दिवाली के मौके पर जमकर पटाखे फूटे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया गया, देश की राजधानी दिल्ली की बात की जाए तो दिवाली की रात से पटाखे फूटने और आतिशबाजी का असर दिखना शुरू हो गया। गुरुवार सुबह से ही आसमान में धुंध छा गई। दिल्ली में हवा का स्तर खराब होकर 363 AQI पर पहुंच गया। मौसम और प्रदूषण का हाल बताने वाली संस्था ने पहले ही चेताया था कि वर्ष  2019 के मुकाबले इस बार दिल्ली के लोगों ने आधी मात्रा में भी आतिशबाजी की तो राजधानी में वायु प्रदूषण से हालात खराब होना तय है। वही गुरुवार शाम से लगातार आतिशबाजी से यह स्तर खतरनाक स्थिति में पहुँच ही गया।

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दिवाली के बाद शुक्रवार को भी ऐसा ही होने के आसार हैं। हालांकि पिछली कई बार से दिल्ली में दिवाली पर पटाखे बैन हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार अगले 24 घंटे के अंदर पराली जलने और हवा की दिशा का रुख बदलने समेत अन्य मौसमी गतिविधियों की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। आतिशबाजी बैन होने के बावजूद हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंचेगी। अगर पिछली बार के मुकाबले सिर्फ 50 फीसद पटाखे ही इस्तेमाल होते हैं तो भी दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में चली जाएगी। पिछले 24 घंटे में दिल्ली के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक में 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई 314 रहा। दिल्ली एनसीआर में AQI की बात करें तो फरीदाबाद का 337, गाजियाबाद का 286, ग्रेटर नोएडा का 330 और नोएडा का 327 एक्यूआई रहा। इसके एक दिन पहले दिल्ली का एक्यूआई 303 रहा था।

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सफर के अनुसार पिछले 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के 3271 मामले दर्ज किए गए है। वहीं इसी प्रदूषण में हिस्सेदारी आठ फीसद रही। सफर के पूर्वानुमान के अुसार अगल दो दिनों में हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम होगी। गुरुवार को पीएम 2.5 का स्तर प्रदूषण में गुरुवार को 20 फीसद हिस्सेदारी रही। वहीं दिवाली के अगले दो दिनों तक ये 35 से 40 फीसद रहने का अनुमान है। इससे हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। अगर पटाखों का इस्तेमाल न के बराबर रहता है तब भी दिल्ली की हवा सांस लेने लायक नहीं रहेगी। वहीं अगर थोड़ा बहुत भी पटाखों का इस्तेमाल हुआ तो हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच जाएगी।