World Soil Day : ये है विश्व मिट्टी दिवस का इतिहास और मनाने की वजह

World Soil Day के दिन मिट्टी महत्व को समझाने केलिए कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।  world soil day यानि विश्व मिट्टी दिवस अर्थात विश्व मृदा दिवस आज 5 दिसंबर को पूरे  विश्व में मनाया जाता है। इस दिन रासायनिक खाद के बेतहाशा उपयोग के कारण कम होती मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बचाने और लोगों को मिट्टी के महत्व के प्रति जागरूक करने के प्रयास किये जाते हैं।

2014 को मनाया गया था पहला विश्व मिट्टी दिवस

20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 68वें सत्र में विश्व मिट्टी दिवस को 5 दिसंबर को मनाने पर सहमति बनी थी। उसके बाद पहला विश्व मिट्टी दिवस 5 दिसंबर 2014 को मनाया गया था।

5 दिसंबर को इसलिए मनाते हैं

विश्व मिट्टी दिवस (world soil day) को 5 दिसंबर को ही मनाने की एक खास वजह है। 5 दिसंबर को थाईलैंड के राजा एच एम भूमिबोल अदुल्यादेजका का जन्मदिन होता है।  वे इस पहल के मुख्य समर्थकों में से एक थे।

ये है विश्व मिट्टी दिवस 2021 की थीम

हर साल मनाये जाने वाले विश्व मिट्टी दिवस (world soil day) की हर साल अलग थीम होती है।  इस साल 2021 की थीम है -मृदा लवलीकरण को रोकें, मृदा उत्पादकता को बढ़ावा दें (Halt Soil Sanitation, Boost Soil Productivity).

ये है मिट्टी का महत्व 

अधिक उत्पादन पाने के लिए किसान और फसल उत्पादक कंपनियां खेतों में रासायनिक खाद को बेतहाशा उपयोग आकर रही हैं जिसे मिट्टी की संरचना और उर्वरा शक्ति कम हो रही है, यानि मिट्टी की उपजाऊ क्षमत अपर असर पड़ रहा है। जबकि फसल की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी का उपजाऊ और स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। क्योंकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाये रखने के लिए संतुलित पोषण की मुख्य भूमिका होती है जसी जिंक, लौह, कॉपर की उचित मात्रा  से फसल को बहुत फायदा होता है।