अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान का ऐलान, महिलाओं को करेगे सरकार में शामिल

दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। लगातार रौंगटे खड़े कर देने वाले नज़ारों और खबरों के बीच अफगानिस्तान से आ रही खबर ने फिर सबको चौंका दिया, दरअसल सरकारी टेलीविजन में दिए एक बयान में तालिबान के प्रवक्ताओं ने कहा है कि उन्होंने अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद वहां सरकार बनाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सरकारी कर्मचारियों को आम माफी देने और काम पर लौटने का फरमान सुनाने के बाद तालिबान ने एक और बड़ा ऐलान किया है। तालिबान ने कहा कि उसकी सरकार पूरी तरह से इस्लामिक होगी। इसमें महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। तालिबान ने कहा कि उसका मकसद महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकना भी है। हालांकि इस बयान के सामनें आने के बाद भी इस पर किसी के लिए भी सहज भरोसा करना मुश्किल हो रहा है।क्योंकि जिस तरह से महिलाओं की स्थिति को लेकर तालिबानी फरमान सामनें आते है उससे साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि तालिबान का यह बयान कितना सही होगा।

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इस्लामी अमीरात संस्कृति आयुक्त के सदस्य ईनामुल्लाह समनगनी ने मंगलवार को अफगानिस्तान के सरकारी टीवी पर यह टिप्पणी की है। ये अब तालिबान के कब्जे में है। उन्होंने कहा, ‘इस्लामी मीरात नहीं चाहता है कि महिलाएं पीड़ित हों।’ तालिबान अफगानिस्तान के लिए इस्लामी अमीरात शब्द का इस्तेमाल करता है। समनगनी ने कहा, सरकार का ढांचा पूरी तरह से साफ नहीं है, लेकिन हमारे तजुर्बे के आधार पर, इसमें पूर्ण इस्लामी नेतृत्व होना चाहिए और सभी पक्षों को इसमें शामिल करना चाहिए। अभी सरकार बनाने का एजेंडा तय किया जा रहा है।जल्द ही प्रस्ताव का ऐलान किया जाएगा।
तालिबान ने मंगलवार को सभी सरकारी कर्मचारियों को आम माफी देने का ऐलान किया। तालिबान ने बयान में कहा, सभी के लिए आम माफी का ऐलान किया जा रहा है, ऐसे में आप अपनी रूटीन लाइफ पूरे विश्‍वास के साथ शुरू कर सकते हैं। तालिबान ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को डरने की जरूरत नहीं है। आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे सभी काम पर लौट आएं, किसी को कुछ नहीं कहा जाएगा।

हालांकि इस तरह के बयान सामनें आने के बाद भी अफगानिस्तान से सामनें आ रहे वीडियो यह बताने के लिए काफी है कि अब कुछ भी कहा जाए मगर अफगानिस्तान में रहने वाले लोग तालिबान पर भरोसा नही कर सकते और यही वजह उनके अफगानिस्तान जल्द से जल्द छोड़ने का कारण बन रही है।