बुद्धिमानों को भी हो सकता है पछतावा! चाणक्य नीति में छुपे हैं जीवन के महत्वपूर्ण सबक

चाणक्य नीति में यह बताया गया है कि कई बार बुद्धिमान व्यक्तियों से भी गलती हो जाती है, जिससे उन्हें बचकर रहना चाहिए और समय रहते उन आदतों में बदलाव करना चाहिए।

Sanjucta Pandit
Published on -

विष्णुगुप्त या फिर कौटिल्य के नाम से प्रसिद्ध आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी लोगों द्वारा अपनाई जाती है। राजनीति का क्षेत्र हो या फिर नौकरी की बात हो, रिश्ते में उतार-चढ़ाव हो रहा हो या फिर विद्यार्थियों से जुड़े प्रश्न हो… सभी मुश्किलों का हल चाणक्य नीति में मिल जाता है। वह भारत के महान विद्वान माने जाते हैं, जिन्होंने युद्ध कला, राजनीति, अर्थशास्त्र और धर्मशास्त्र का भी ज्ञान अर्जित किया। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

जीवन के हर अनुभव से उन्होंने कई सारे ग्रंथों की रचना की थी। जिनमें अर्थशास्त्र, कूटनीति, चाणक्य नीति, आदि शामिल है। जिसमें जिंदगी के हर क्षेत्र के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है। किसी भी समस्या का हल उनकी नीतियों में मिलता है।

बुद्धिमानों को भी हो सकता है पछतावा

आज के आर्टिकल में हम आपको बुद्धिमानों द्वारा की जानें वाली गलतियों के बारे में बताएंगे। चाणक्य नीति में यह बताया गया है कि कई बार बुद्धिमान व्यक्तियों से भी गलती हो जाती है, जिससे उन्हें बचकर रहना चाहिए और समय रहते उन आदतों में बदलाव करना चाहिए। अन्यथा, आगे चलकर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ना करें ये गलती

  • आचार्य चाणक्य की मानें तो जो व्यक्ति दुखी इंसान के साथ रहता है, मूर्ख लोगों को उपदेश देता है, ऐसा व्यक्ति कभी भी सफल नहीं होता। वह हमेशा दुखी ही रहता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे व्यक्तित्व वाले इंसान से हमेशा दूर रहना चाहिए। अन्यथा, आपका स्वभाव भी उनके तरह हो सकता है, जिससे आपको जिंदगी में कभी सफलता हासिल नहीं होगी।
  • चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति समय पर निर्णय नहीं ले पाता, किसी भी बात पर सही विचार नहीं रख पाता। ऐसा व्यक्ति बुद्धिमान नहीं कहलाता है। बुद्धिमान व्यक्तियों की यह पहचान होती है कि वह सही समय पर सही निर्णय ले। अन्यथा, इसका पछतावा आपको आगे चलकर अवश्य होगा।
  • चाणक्य नीति में यह बताया गया है कि समाज में लोगों की पहचान अच्छे और बुरे कर्मों से होती है, इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह सही संगत में रहे, क्योंकि गलत संगत में रहकर वह भी गलत ही कहलाएंगे। इसलिए हमेशा अच्छे लोगों से बातचीत करें। अच्छे लोगों से दोस्ती रखें, ताकि समाज में आपकी छवि अच्छी बन सके।
  • चाणक्य नीति के अनुसार, बुद्धिमान व्यक्ति को कभी भी मूर्ख लोगों का साथ नहीं देना चाहिए। उनकी बात नहीं माननी चाहिए और ना ही उन्हें कभी अपने सर पर बैठना चाहिए। इससे आपको ही आगे चलकर नुकसान हो सकता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)


About Author
Sanjucta Pandit

Sanjucta Pandit

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है।पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

Other Latest News