यह हैं भारत के वो मंदिर, जहां प्रवेश नहीं कर सकते पुरुष

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धर्म डेस्क: आपने कई ऐसे मंदिरों के बारे में सूना होगा जहां महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध है| सबरीमाला मंदिर देश भर में चर्चा में रह चूका है, लेकिन इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया था| जिसके बाद से हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मिल गई है| लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है| हम आपको कुछ ऐेसे ही मंदिरों के बारे में बताते हैं, जहां पुरुषों का जाना मना है| 


कामाख्या मंदिर (असम)

कामरुप कामाख्या मंदिर: कामरुप कामाख्या मंदिर असम में स्थित है|  इस मंदिर में माता की माहवारी का उत्सव मनाया जाता है| इस दौरान यहां पुरुषों के प्रवेश पर पाबंदी रहती है| इस दौरान केवल महिला संत और सन्यासिन मंदिर की पूजा करती हैं| इस मंदिर में माता सती के माहवारी कपड़े को बहुत शुभ माना जाता है और इसे भक्तों के बीच बांटा जाता है|

यह हैं भारत के वो मंदिर, जहां प्रवेश नहीं कर सकते पुरुष

माता मंदिर- बिहार के मुजफ्फरपुर में बने इस मंदिर में एक निश्चित अवधि के दौरान प्रवेश वर्जित हो जाता है| यह नियम इतने कठोर हैं कि पुरुष पुजारी को भी मंदिर में प्रवेश की मनाही रहती है. उस अवधि के दौरान केवल महिलाएं ही यहां आ सकती हैं|

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चक्कूलाथूकावु मंदिर:  केरल में स्थित इस मंदिर में देवी भगवती की पूजा होती है. यहां ‘नारी पूजा’ नामक सालाना अनुष्ठान होता है| इस दिन को धनु कहते हैं. जिसमें पुरुष पुजारी उन महिला भक्तों के चरण धोते हैं, जिन्होंने 10 दिनों से व्रत रखा होता है| नारी पूजा के वक्त सिर्फ महिलाओं को ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होती है|

यह हैं भारत के वो मंदिर, जहां प्रवेश नहीं कर सकते पुरुष


ब्रह्मा मंदिर- 14वीं शताब्दी में राजस्थान के पुष्कर में ब्रह्म मंदिर बनाया गया था. इस मंदिर में विवाहित पुरुषों का आना सख्त मना है. यह पूरे देश में बना हुआ ब्रह्मा का अकेला मंदिर है|

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अत्तुकल मंदिर- केरल में स्थित अत्तुकल भगवती मंदिर में महिलाओं की पूजा होती है| इस मंदिर ने पोंगल त्योहार मनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था| इसमें 30 लाख महिलाओं ने भाग लिया था| इस मंदिर में पुरुषों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है जहां त्योहार के दौरान महिलाओं की सबसे बड़ी सभा देखने को मिलती है|

यह हैं भारत के वो मंदिर, जहां प्रवेश नहीं कर सकते पुरुष

देवी कन्याकुमारी, तमिलनाडु

शक्तिपीठों में से एक देवी कन्याकुमारी मंदिर देश के दक्षिणतम छोर पर स्थित है। यह मंदिर देवी भगवती के किशोर स्वरूप को समर्पित है। देवी भगवती के इस स्वरूप को संन्यास की देवी के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि विवाहित पुरुष देवी के इस स्वरूप के दर्शन कर लें तो उनके विवाहित जीवन में नकारात्मकता आ जाती है। इसी वजह से मंदिर के गर्भगृह में विवाहित पुरुषों का प्रवेश वर्जित है।