श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज बने क्रिकेट के इतिहास में बिना बॉल खेले, बिना रन आउट हुए, आउट होने वाले पहले खिलाड़ी

Shashank Baranwal
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Angelo Mathews Time Out

Angelo Mathews Time Out: विश्व कप 2023 का 38 वां मुकाबला श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच नई दिल्ली के अरूण जेटली मैदान में खेला जा रहा है। इस मैच में अंप्यार द्वारा श्रीलंका के खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट करार दिया गया है। जो कि क्रिकेट के 146 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी खिलाड़ी को टाइम आउट किया गया है। अंप्यार द्वारा टाइम आउट करार दिए जाने के बाद एंजेलो मैथ्यूज ने बिना कोई गेंद खेले आउट होकर पवेलियन लौट गए।

बांग्लादेश के कप्तान ने किया टाइम आउट की अपील

आपको बता दें श्रीलंका के खिलाड़ी सदीरा समरविक्रमा ने 25 वें ओवर के दूसरी गेंद पर 41 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 42 रन बनाकर आउट हो गए थे। जिसके बाद एंजेलो मैथ्यूज बल्लेबाजी करने के लिए आए। लेकिन उनका हेलमेट सही न होने के कारण उन्हें पहनने में परेशानी हो रही थी। जिसके लिए उन्होंने दूसरा हेलमेट मंगाया। वहीं इस बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने अंप्यार से टाइम आउट की अपील की। जिसके बाद अंप्यार द्वारा एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट करार दे दिया गया था।

ये है नियम

क्रिकेट खेल के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के नियम 40.1.1 के अनुसार, जब कोई खिलाड़ी आउट या रिटायर होता है तो यदि अंप्यार के खेल न रोकने जाने पर, 3 मिनट के अंदर ही नए खिलाड़ी को अगली गेंद खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं नया खिलाड़ी ऐसा नहीं कर पाता है तो  विपक्षी टीम द्वारा टाइम आउट की अपील किया जा सकता है।

आपको बता दें श्रीलंका की टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.3 ओवर में ऑलआउट होकर 279 रन बनाया है।

 

 

 


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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