Suresh Raina: छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के ब्रांड एंबेस्डर बने सुरेश रैना, IPL की तर्ज पर हो रहा आगाज

पूर्व भारतीय खिलाड़ी सुरेश रैना और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरूण साव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर मुलाकात की फोटो शेयर की।

Suresh Raina

Suresh Raina: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के तर्ज पर छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CPL) की शुरूआत होने वाली है। वहीं, इस प्रीमियर लीग के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेट सुरेश रैना को ब्रांड एंबेस्डर बनाया गया है। इसी सिलसिले में आज रविवार को सुरेश रैना ने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरूण साव से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य क्रिकेट संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहें।

7 जून से होगा आगाज

छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आगाज जून महीने की 7 तारीख से होने वाला है। इसमें IPL की तर्ज पर कुल 6 टीमें शामिल होंगी, जिसमें 18 मैचे खेले जाएंगे। इस दौरान 6 टीमों के लिए 13 कार्पोरेट सामने आएं हैं। इन लोगों के द्वारा 2.5 लाख रूपए का बैंक ड्राफ्ट जमा किया गया है। इसके अलावा इन सभी 6 टीमों के अलग-अलग मालिक होंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग को लेकर पूर्व भारतीय खिलाड़ी सुरेश रैना ने कहा कि इसके जरिए छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

डिप्टी सीएम अरूण साव ने किया X पर किया पोस्ट

पूर्व भारतीय खिलाड़ी सुरेश रैना और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरूण साव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर मुलाकात की फोटो शेयर की। इस दौरान उन्होंने लिखा कि सर्वाकालिक बेहतरीन भारतीय बल्लेबाजों और ऑलराउंडरों में से एक मिस्टर IPL के नाम से मशहूर सुरेश रैना से आधिकारिक आवास पर मुलाकात हुई, जिसकी मेजबानी करके खुशी हुई।

 


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है–खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालोमैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।