लोकसभा चुनाव के बीच कमलनाथ सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों को दी यह बड़ी राहत

भोपाल।

लोकसभा चुनाव के बीच कमलनाथ सरकार ने  सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला किया है वह सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रमाण पत्र जारी करेगी। छात्रों को आय और संपत्ति से संबधित प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इस मामले में निर्देश जारी किए जा चुके है।इससे छात्रों को दस फीसदी आरक्षण का लाभ लेने में मदद मिलेगी।अभी तक इन प्रमाण पत्रों के चलते छात्रों को दस फीसदी आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा था।

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावी समर के बीच सीएम कमलनाथ ने सोमवार को सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए है। अभी तक प्रमाण पत्र नहीं होने के चलते सामान्य वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसके चलते सरकार ने यह आदेश जारी किया है। प्रमाण पत्र जारी किए जाने के संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर और ब्लॉक के तहसीलदारों को निेर्देश जारी ​कर दिया गया है।इसका लाभ खास करके 12  वी पास छात्रों को मिलेगा।सवर्ण आरक्षण का लाभ आठ लाख रुपए तक सालाना आय वाले सवर्ण युवाओं को मिलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि कलेक्टरों ने प्रमाणपत्र बनाने अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार को अधिकृत किया है। वे प्रमाण पत्र केंद्र सरकार की गाइडलाइन और प्रारूप के मुताबिक बनाएंगे।

चुनाव से पहले सरकार का यह बड़ा मास्टर स्टोर माना जा रहा है, चुंकी तीसरे चरण की वोटिंग अभी होना है , जिसमें खास करके ग्वालियर , गुना और मुरैना लोकसभा सीटे शामिल है। बीते विधानसभा चुनाव में आरक्षण का मुद्दा राजनैतिक दलों पर हावी रहा था, बीजेपी भी कई बार इसे लेकर सरकार का घेराव कर चुकी थी।लंबे समय से इसको लेकर सरकार से मांग की जा रही थी, जिसे अब पूराकर दिया गया है, हालांकि फैसला देरी से हुआ है क्योंकि दो चरणों की वोटिंग हो चुकी है और अब तीसरे और चौथे चरण का मतदान होना है। 

सूत्रों के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने जिलों से आ रही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (सवर्ण) का आय प्रमाणपत्र बनाए जाने की मांग के मद्देनजर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय (सीईओ) को प्रस्ताव भेजा था। कार्यालय ने आचार संहिता के मद्देनजर इस पर चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मांगा था। रविवार को तस्वीर साफ हुई और देर रात प्रमाणपत्र बनाए जाने की अनुमति देते हुए सूचना विभाग को दी गई।जिसके बाद सोमवार को यह आदेश जारी किए गए।

गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव 2019 से ऐलन पहले आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया था। फिलहाल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग 50 प्रतिशत आरक्षण में भागीदार हैं। यह 10 परसेंट आरक्षण मौजूदा 50 परसेंट कोटे से अलग होगा। सरकार द्वारा आरक्षण का कोटा मौजूदा 50 परसेंट से बढ़ाकर 60 परसेंट कर दिया जाएगा। 10 परसेंट कोटा का लाभ सवर्णों में उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर होंगे।


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