#MeToo : यौन शोषण के आरोपों में घिरे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली।

MeToo कैंपेन के तहत यौन शोषण के आरोपों में घिरे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अकबर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को अपना इस्तीफा भेज दिया है।समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से ये खबर आई है, उनके इस्तीफे का पत्र भी सामने आ गया है। 

दरअसल,  एमजे अकबर पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकार और संपादक रहते कई महिला पत्रकारों का यौन उत्पीड़न किया है। हालांकि ये आरोप तब के हैं, जब एमजे अकबर की राजनीति में एंट्री नहीं हुई थी। अधिकतर आरोप एमजे अकबर के पत्रकारिता करियर के दौरान उनके साथ काम की हुई महिला पत्रकारों ने लगाए हैं।  इसके बाद से ही विपक्षी पार्टियां एमजे अकबर के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर हो गई थी और एमजे अकबर पर इस्तीफे का दबाव बना थी।

वही दूसरी तरफ केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने सबसे पहले यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ कोर्ट का रास्ता अपनाया है और उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है। इस मामले में गुरुवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगीय़ वहीं दूसरी तरफ रमानी को ‘द एशियन एज’ में काम कर चुकीं 19 महिला पत्रकार सहकर्मियों का साथ मिला है।


इन महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप

20 महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, ‘‘प्रिया रमानी इस लड़ाई में अकेली नहीं हैं। हम मानहानि मुकदमे की सुनवाई कर रही अदालत से अनुरोध करते हैं कि यौन उत्पीड़न से जुड़ी हमारी गवाही भी सुनी जाए।’’ इस संयुक्त बयान पर प्रिया रमानी के अलावा जिन 19 महिला पत्रकारों ने दस्तखत किए हैं, उनके नाम हैं- मीनल बघेल, मनीषा पांडे, तुशिता पटेल, कनिका गहलोत, सुपर्णा शर्मा, रमोला तलवार, होईन्हू हौजे, आयशा खान, कौशलरानी गुलाब, कनिजा गजारी, मालविका बनर्जी, एटी जयंती, हमीदा पारकर, जोनाली बुरगोहैन, सुजाता दत्त सचदेवा, रश्मि चक्रवर्ती, किरण मनाल, संजरी चटर्जी, क्रिश्चियन फ्रांसिस।

पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई कल

अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया है। इस पर गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगी। प्रिया के एक ट्वीट के बाद से ही अकबर के खिलाफ आरोपों का सिलसिला शुरू हुआ था। अकबर ने 97 वकीलों को हायर किया है, इनमें से 6 पैरवी करेंगे।