मंत्री पीसी शर्मा का पलटवार, शिवराज को 15 साल बाद आदिवासियों की फिक्र हुई

भोपाल।

आदिवासियों के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ भोपाल में घेराबंदी की| आदिवासियों को शहर से बाहर रोकने पर शिवराज अधिकारियों पर बरसे और आदिवासियों को लेने खुद भदभदा पहुंच गए। वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ के बुलावे पर शिवराज उनसे मिले और आदिवासियों की मांग रखी, जिस पर सरकार से सभी मांगे पूरी होने का आश्वासन मिला|  वहीं आदिवासियों के मुद्दे पर शिवराज के आरोपों पर  जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पलटवार किया है| उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हमला बोलते हुए कहा कि 15 सालों से शिवराज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे लेकिन अपने क्षेत्र के आदिवासियों को पट्टे नहीं दिला पाए। तब शिवराज को फिक्र नही हुई और अब आंदोलन कर रहे हैं| 

मंत्री पीसी शर्मा ने कहा आदिवासियों के लिए जमीनी स्तर पर शिवराज ने कुछ नही किया। आदिवासी क्षेत्रों में 50 हज़ार शिक्षकों के पद नही भरे गए थे, तब शिवराज को फिक्र नही हुई। 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार अलीराजपुर एक ऐसा जिला था जहां 76.5 % आदिवासी रहते थे। जबकि रिपोर्ट ने बताया कि इतने ही प्रतिशत आदिवासी गरीबी से नीचे हैं, अफ्रीका के इलाकों में जैसे आदिवासियों की स्थिति वैसे ही मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में है। 15 सालों में आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया यह इंटरनेशनल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। 

विकास पुरुष कमलनाथ कहलायेंगे 

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कुपोषित बच्चों की तुलना में सहरिया जनजाति के बच्चो का कुपोषण ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि कमलनाथ सरकार आने के बाद तेंदू पत्ता 2000 से 2500 कर दिया। पहले बैंक खाते में जाती थी कमलनाथ जी ने 80 प्रतिशत नगद देने की घोषणा की। शिवराज के मुख्यमंत्री रहते हुए झाबुआ का लॉ कॉलेज बंद हो गया। शिवराज चाहते थे आदिवासी ज्यादा ना पढ़ पाएं और वकालत ना कर पाएं। पत्रकारों से चर्चा में मंत्री पी सी शर्मा ने बताया कि कमलनाथ जी ने कहा है कि अगर आदिवासी क्षेत्र में किसी को पट्टा नही मिला है और अगर वहां का सरपंच लिख कर दे देगा तो उसको पट्टा मिल जाएगा। विकास पुरुष के नाम पर मध्यप्रदेश में कमलनाथ जाने जाएंगे। 

भोपाल की जगह दिल्ली में आंदोलन की नसीहत 

मंत्री पी सी शर्मा ने शिवराज पर आरोप लगाया कि झाबुआ में उपचुनाव है इसलिए बीजेपी को आदिवासियों की याद आ रही है। बीजेपी वह मुद्दे उठा रही है जो बीजेपी पिछले 15 साल में नही कर पाई। बीजेपी 15 साल सरकार में रही अब मगरमछ के आंसू बहा रही है। छिंदवाड़ा छेत्र आदिवासियों से भरा हुआ है कमलनाथ जी जितना काम आदिवासियों के लिए किया उतना किसी ने नही किया। कमलनाथ सरकार 3 लाख 50 हज़ार आदिवासियों को हक़ दिलाएगी। साथ ही पी सी शर्मा ने शिवराज को भोपाल में जुलूस निकालने की बजाये दिल्ली जाकर आदिवासियों की आवज बुलंद करने की नसीहत दे डाली।

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