सिंधिया के स्वागत में दावेदार के अवैध पोस्टरों से पटा शहर

मन्दसौर। तरुण राठौर।

आज से ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिनों के दौरे पर जिले में है। ऐसे में मन्दसौर से विधायक का सपना देख रहे मुकेश काला उनके के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उसी के चलते उन्होंने अवैध बैनर पोस्टरों से नगर के चौराहों को सजा दिया है यहीं नहीं उन्होंने शासकीय भवनों पर भी अवैध रूप से बैनर टाँग दिए गए है। जो सरासर गलत है। नियम विरुद्ध है जिससे चौराहों ओर सरकारी भवनों की सुंदरता पूरी तरह से समाप्त हो गई है। यहीं नहीं चौराहे पर लगी मुर्तिया भी उनके पोस्टरों पूरी तरह से ढक चुकी है जिसके कारण लोगो को चौराहे तक समझ नहीं आ रहे है कि ये नगर का ये कौनसा चौराहा है । इसी के चलते बाहर से आने लोगो को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।

हाल ही में हुए पांच राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद अब मध्यप्रदेश सहित तीन ओर राज्य में विधानसभा चुनाव होना है। उसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है । इन तैयारियों के बीच राजनीतिक चर्चाए तेज होने लगी है साथ ही दोनों प्रमुख पार्टियों ने एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप लगाना शुरू कर दिए है। ऐसे में जहां बीजेपी जनआशीर्वाद यात्रा निकाल रही है। वहीं कांग्रेस पूरे प्रदेश में रोड शो करके सरकार की कमियां जनता के बीच में लाने का प्रयास कर रही है, जिसके तहत आज से दो दिन के लिए मन्दसौर जिले के प्रवास पर चुनाव प्रचार समिति के प्रदेश अध्यक्ष व गुना के सांसद ज्योतिराजे सिंधिया आ रहे है।  

उनके स्वागत में कांग्रेसजन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिसकी तैयारियां कई दिनों से शहर में चल रही थी। साथ ही इस आयोजन को सफल बनाने के लिए रोज कांग्रेस कार्यालय में बैठके ली जा रही थी। किन्तु इतने सब के बीच एक बात निकल करके सामने आ रही है जिसमें कहा जा रहा है कि ये पूरे आयोजन के कर्ताधर्ता उनके समर्थक ओर उनके सबसे करीबी कहेजाने वाले मुकेश काला है। जिन्होंने इस पूरे आयोजन को कैप्चर कर लिया है। जिससे अन्य गुट के समर्थकों में मायूसी छाई हुई है छाई भी क्यों ना जब उनके समर्थक अन्य गुट के समर्थकों को इस आयोजन में सहभागी नहीं बना रहे है साथ ही उनकी रॉय भी नहीं ले रहे है। बस उनको साथ रखने का नाटक इस लिए किया जा रहा है क्योंकि कांग्रेस अपनी गुट बाजी को लेकर हमेसा चर्चा में रहता है इसी का नतीजा है कि कांग्रेस काफी समय से सरकार से बाहर है अब वो नहीं चाहते है कि वे गुट बाजी के चक्कर में सरकार से बाहर रह जाए। किन्तु इतने सब दिखावे के बाद भी कांग्रेस की गुट बाजी बाहर निकल कर बाहर आ गई है वो भी मुकेश काला के रवैये से। क्योंकि वे खाली अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके दो दिवसीय दौरे के हर एक कार्यक्रम को सफल बनाने का जिम्मा अपने सिर पर ले रखा है। यही नहीं उनका स्वागत कौन करेगा।उनके साथ रोड़ शो में कौन रहेगा। इन सब का निर्णय खुद कर रहे है। जिसका नतीजा है कि शहर में वे खुद चमक रहे है अन्य कांग्रेसी नहीं।