लापरवाही: शव पर चीटियां लगने के मामले में बड़ी कार्रवाई, सिविल सर्जन समेत 5 सस्पेंड

शिवपुरी।

मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने शिवपुरी की घटना पर जतायी कड़ी नाराज़गी व जाँच कर तत्काल कड़ी कार्यवाही के निर्देश पर संभागायुक्त श्री एम.बी.ओझा के अनुमोदन पर पूरे मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सिविल सर्जन डाॅ.पी.के.खरे को निलंबित किया गया है। साथ ही ड्यूटी डाॅक्टर दिनेश राजपूत के निलंबन के प्रस्ताव संभागायुक्त को भेजा गया है। नर्सों की लापरवाही को देखते हुए तीन नर्सों को भी निलंबित किया गया है। इसके अलावा वार्डवाॅय संजय शर्मा एवं सुरक्षा गार्ड केशव रावत के विरूद्ध भी निलंबन की कार्यवाही की गई है।

वही इस मामले में कार्रवाई से पहले जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ पीके खरे अचानक बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में उन्हें भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें ग्वालियर रैफर कर दिया गया।रैफर किए जाने से पहले वह बीमारी की अवस्था में भी एंबुलेंस में लोगों से बतियाते देखे गए। बताया जा रहा है कि मृतक मरीज के शव की आंखों में चीटियां पड़ने का मामला सामने आने के बाद अचानक सिविल सर्जन बीमार हो गए। मृतक मरीज के शव पर चीटियां चड़ने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है।  

कलेक्टर ने अनुग्रहा पी ने बताया है कि जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ पीके खरे को सस्पेंड कर दिया गया है साथ ही जिस डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही दिखाई वह डॉ दिनेश राजपूत सहित स्टॉफ की तीन नर्सों को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच करने पहुंची कलेक्टर अनुग्रहा पी ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर सिविल सर्जन को सस्पेंड किया गया है।


ये है पूरा मामला

दरअसल, 50 वर्षीय बालचंद्र लोधी  को रविवार को पेट में तकलीफ के चलते जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था।  मंगलवार को उसकी मौत हो गयी। जिस समय मौत हुई उस समय बालचन्द के पास परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, उसकी पत्नी बच्चों को देखने घर चली गई थी,इसलिए काफी देर तक किसी को यह पता नहीं चला कि बालचंद की मौत हो गई है।इसके बाद वार्ड में भर्ती किसी मरीज ने बालचंद्र की पत्नी रामश्री बाई को फोन किया। सुबह 11 बजे रामश्री अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पति की आंखों से चींटियों को हटाया। वे बिलखते हुए कहे जा रही थीं कि देह को कम से कम कपड़े से सुरक्षित ढंक तो देते। परिवार के लोग राेते-रोते शव को ले गए।वही खबर लगते ही सीएम कमलनाथ ने कहा ये घटना बेहद असंवेदनशीलता का परिचायक है। ऐसी घटनाएं मानवता व इंसानियत को शर्मसार करती हैं। इन्हें बर्दाश्त कतई नहीं किया जा सकता। जांच में दोषी व लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

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