एमपी में टेरर फंडिंग मामले में दिग्गी ने शिवराज को घेरा, मिला ऐसा करारा जवाब

भोपाल।

हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग मामले  में की गई कार्रवाई के लिए सीएम कमलनाथ को बधाई दी है। वही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है कि उन्होंने अपराधियों की ज़मानत कैसे होने दी।उन्होंने पूछा ह कि शिवराज जी अब बतायें देश द्रोही कौन है। दिग्विजय ने ट्वीटर के माथ्यम से शिवराज का घेराव किया है। वही शिवराज ने जमकर पलटवार किया है ।

दरअसल,  पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टेरर फंडिंग रैकेट के पर्दाफाश के लिए एमपी की कमलनाथ सरकार को बधाई दी है और टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों को पूर्व में मिली जमानत के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से स्पष्टीकरण भी मांगाष उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से कहा कि उन्होंने टेरर फंडिंग मामले के आरोपियों की जमानत कैसे होने दी? उन्होंने ये भी पूछा कि यदि उन्हें जमानत मिली तो भी तत्कालीन सरकार ने इसके खिलाफ अपील क्यों नहीं की।साथ ही उन्होंने कहा है कि शिवराज जी अब बतायें देश द्रोही कौन है? क्या पाकिस्तान के लिये खुफियागिरी करने वालों को बचाने वाला देश द्रोही है या नहीं? अमित शाह जी अजीत दोवाल जी देश द्रोही तो आपके घर में निकले। इस पर शिवराज ने दिग्विजय पर पलटवार किया है।शिवराज ने दिग्विजय को कुंठित मानसिकता का व्यक्ति बताया है और कहा है कि भोपाल से चुनाव हारने के बाद उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता मैं क्यों गंभीरता से लूं।

ये है पूरा मामला

दरअसल, बुधवार को बजरंग दल के पूर्व नेता बलराम सिंह और तीन अन्य को सतना जिले से रात में गिरफ्तार किया था। उन्हें टेरर फंडिंग और खुफिया जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में पकड़ा गया है।  इन आरोपियों को 26 अगस्त तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले बलराम और बीजेपी कार्यकर्ता ध्रुव सक्सेना को फरवरी 2017 में मध्यप्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार किया था, उन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में पकड़ा गया था। इस मामले में कुल 15 लोग गिरफ्तार किए गए थे जिनमें से ध्रुव और बलराम सहित 13 आरोपियों को पिछले साल हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।इसके बाद मामला ठंड़ा हो गया था।अब बलराम की गिरफ्तारी के बाद फिर सियासत गर्मा गई है और बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हो गए है।मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले में जांच के आदेश दिए है और कहा है कि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाए। इस तरह की गतिविधि में जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए। प्रदेश की धरती पर टेरर फंडिग व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी का कृत्य बर्दाश्त नहीं। इस कांड से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, या कितना भी बड़ा शख्स हो।



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