Breaking News
MP: चुनाव से पहले किसानों को खुश करेगी सरकार, 28 को खाते में आएगा बोनस | एट्रोसिटी एक्ट : सीएम की मंशा पर महिला अधिकारी ने उठाये सवाल, देखिये वीडियो | भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ कल, पोस्टर-कटआउट से नदारद उमा और गौर, मचा बवाल | खुशखबरी : मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए सुनहरा मौका, अक्टूबर मे निकलेगी सेना भर्ती रैली | चुनाव से पहले शिवराज कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले, इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी | शिवराज के बाद अब केंद्रीय मंत्री के बदले स्वर, एट्रोसिटी एक्ट को लेकर दिया ये बयान | पीड़िता का आरोप- एसपी ने मांगा रेप का वीडियो, तब होगी सुनवाई | इंजीनियर पर भड़के मंत्रीजी, सस्पेंड करने की दी धमकी | दो पक्षों में विवाद, पथराव-आगजनी, 2 पुलिसकर्मी समेत 8 घायल, धारा 144 लागू | भाजपा में बगावत शुरु, पदमा शुक्ला के बाद कटनी से दो दर्जन और इस्तीफे |

'आशा' को मंजूरी, मप्र की तर्ज पर देशभर के किसानों को मिलेगा 'भावांतर'

भोपाल। आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मप्र सरकार की भावांतर भुगतान योजना भा गई है। केंद्र सरकार ने इसी सत्र से तिहलन फसलों पर समर्थन मूल्य से कम बिकने पर अंतर की राशि देने की मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने मप्र की भावांतर योजना को ‘अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (आशा) के नाम से लागू किया है। इस योजना का फायदा देशभर के किसानों को मिलेगा। 

मप्र सरकार की भावांतर भुगतान योजना को केंद्र सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से देशभर में लागू कर दिया है। तिलहन फसलों पर इसी सत्र से किसानों को भावांतर का फायदा मिलेगा। यदि फसल बाजार में समर्थन मूल्य से कम बिकती है तो फिर औसत विक्रम मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में जाएगी। केंद्र सरकार ने इस योजना को अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (आशा) नाम दिया है। केंद्र सरकार ने यह स्कीम फिलहाल सिर्फ तिलहन फसलों पर लागू की है। आशा योजना के लिए केंद्र सरकार ने 15053 करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर कर दी है। 


छह महीने पहले सौंपा था भावांतर का ड्राफ्ट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मप्र की भावांतर भुगतान योजना का ड्राफ्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6 महीने पहले ही सांैप दिया था। शुरू में केंद्र ने भावांतर योजना को लागू करने से इंकार दिया था। यही वजह रही कि मप्र सरकार द्वारा भावांतर भुगतान योजना के तहत जिन रबी एवं खरीफ फसलों पर अंतर की राशि देने का ऐलान किया था, केंद्र ने अपना हिस्सा देने से इंकार दिया था। यही वजह रही कि मप्र सरकार ने रबी 2018 की फसलों को भावांतर भुगतान योजना से बाहर कर दिया था। अब चूंकि प्रदेश में अगले साल लोकसभा चुनाव होना है, ऐसे में देश के करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आशा दिखी । 


15 अक्टूबर से लागू की गई थी योजना

मप्र में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना पिछले साल 15 अक्टूबर से प्रदेश भर में लागू की गई थी। खरीफ फसलों की खरीदी-बिक्री पर किसानों को इस योजना का लाभ दिया गया था। हालांकि मप्र में यह योजना लागू होने के बाद फसलों के दाम बहुत नीचे आ गए थे। सोयाबीन, मूंगफल, ज्वार, बाजरा, मक्का एवं अन्य अधिसूचित फसलों को व्यापारियों ने 10 से 15 साल पुरानी कीमतों पर खरीदा। इस योजना के लागू होने के बाद मप्र में व्यापारियों कॉकस बना, जिसने जमकर चांदी काटी। 

भावांतर योजना से किसानों को फायदा पहुंचा था। भारत सरकार ने भी इसे आशा नाम से देशभर में लागू किया है। तिलहन फसलों के समर्थन मूल्य से कम बिकने पर अंतर की राशि किसानों को दी जाएगी। मप्र में खरीफ सीजन में 12.80 किसानों को 2 हजार करोड़ रुपए भावांतर के तहत खातों में जमा कराए। तिलहन उत्पादक किसानों के  लिए लाभकारी सिद्ध होगी।  

राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव, कृषि 

  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...