शिवराज का तंज- ट्रांसफर के रेट तय कर ले सरकार, अपने CM बनने को लेकर कही ये बात

भोपाल।

सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश की कमलनाथ सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के निशाने पर बनी हुई है। कभी कर्जमाफी तो कभी बिजली तो कभी किसानों की फसल बर्बादी और मुआवजा तो कभी ट्रांसफर को लेकर शिवराज हमले बोल रहे है। एक बार फिर शिवराज ने सरकार को ट्रांसफर पर आड़े हाथों लिया है।सरकार को नसीहत देते हुए शिवराज ने तबादलों के रेट तय करने की बात कही है।शिवराज ने कहा अरे कम से कम पहले ट्रांसफर के रेट तो बैठकर तय कर लो ।अलग-अलग कोई भी कुछ भी बोलता है। वही उन्होंने अपने दोबारा सीएम बनने को लेकर कहा कि उन्हें पद की कोई आकांशा नही।

दरअसल, आज शिवराज इंदौर में विधायक  संजय शुक्ला की माताजी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। यहां उन्होंने माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की व ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की।वही शुक्ला को ढांढस बंधाया। इसके बाद शिवराज मीडिया से रुबरु हुए और सरकार को जमकर घेरा। शिवराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कमलनाथ सरकार मध्यप्रदेश के इतिहास की भ्रष्टतम सरकार है।एक मंत्री आकर कहता है कि ट्रांसफर के रेट इतने हैं । दूसरा कहता है कि इतने नहीं इतने हैं । अरे कम से कम पहले ट्रांसफर के रेट तो बैठकर तय कर लो ।अलग-अलग कोई भी कुछ भी बोलता है। मध्य प्रदेश को चील और कौओ की तरह नोंच नोंच कर खा रहे है। ये मंत्री रहने के लायक है ?

बयानों से झलकती है मंत्रियों की मानसिकता 

वही मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पीसी शर्मा के द्वारा सड़क को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शिवराज ने कहा कि  कांग्रेस के मंत्री सड़कों की तुलना गालों से करते हैं, यही इनकी मानसिकता है। यह इनकी गंभीरता है। ये मंत्री है, जो सड़कों की तुलना गालो से करते हैं। इसी से सिद्ध होता है कि कांग्रेसियों की मानसिकता क्या है ? बता दे कि कैबिनेट मंत्रियों ने कहा था कि पहले सड़के हेमा मालिनी के गालों की तरह थी और अब कैलाश विजयवर्गीय के गालों जैसे हो गई है।

मुझे पद की आकांशा नही

वही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के बयान को लेकर शिवराज ने कहा कि शिवराज को किसी पद की लालसा नहीं। अगर बनना होता तो तभी जोड़-तोड़ कर लेता। मैं नैतिक व्यक्ति हूं । गोपाल जी की कोई गलती नहीं । जनता के बीच जन भावना देखकर बोला जाता है ।युवा सम्मेलन था, बच्चे मामा मामा कह रहे थे, उन्होंने पूछ लिया कि मुख्यमंत्री बनाना चाहते हो, बच्चों ने हां कहा उन्होंने कहा बन जाएंगे । इसमें नेता की क्या गलती है। यह पहली बार नहीं है यह तो लोकसभा चुनाव में भी कई लोग कहते रहे हैं ,जहां तक मेरा सवाल है सब पदों के ऊपर हूं। शिवराज ने कहा कि किसी पद की कोई आकांक्षा नहीं, मेरा एक ही पद है जनता के दिल में रहना। मध्यप्रदेश की 7:30 करोड़ जनता की सेवा करना। भाजपा का बेहतर काम करना ।नरेंद्र मोदी जी के अभियान में वैभवशाली गौरवशाली शक्तिशाली संपन्न भारत के निर्माण में पूरी ताकत से जुटना।

मैग्निफिसेंट एमपी की आलोचना नही

वही इन्वेस्टर्स समिट को लेकर शिवराज ने कहा कि मैं ऐसा नेता नहीं हूं जो इन्वेस्टर समिट के समय मध्य प्रदेश की आलोचना करूं। मुझे मध्यप्रदेश की चिंता है। मैं उद्योगपतियों से अपील करता हूं कि वे यहां आएं, निवेश करें और रोजगार के अवसर सृजित करें। हम मध्य प्रदेश का हित चाहने वाले लोग हैं।इन्वेस्टर, इन्वेस्टर्स समिट और निवेश का भी स्वागत है, लेकिन पहले बात किसानों की होनी चाहिए। किसान बर्बाद हो गया है। फसल चौपट हो गई है। अब तक सर्वे और मुआवजे के लिए कमलनाथ सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जल्द ही किसानों को राहत न दी गई तो हम बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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