थाने का घेराव करने पहुंचे 37 गांवों के आदिवासी, किया पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

गुना।

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक मजनू का जूलूस ना निकालने पर सहरिया समाज के लोग इतना आक्रोशित हो गए कि उन्होंने थाने का घेराव कर पथराव करना शुरु कर दिया।इतने पर भी ग्रामीण शांत नही हुए और उन्होंने तोड़फोड़ कर शुरु कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में पहले तो लाठीचार्ज किया औऱ फिर बेकाबू हालत को काबूल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागना शुरु कर दिए।पथराव में 3 पुलिस कर्मियों के घायल होने की सूचना है। तनाव को देखते हुए इलाके में सात थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।अभी हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए है

जानकारी के अनुसार, गुना जिले के रुठियाई पुलिस चौकी इलाके में एक दिन पहले सहरिया समाज की एक महिला को एक व्यक्ति के साथ समाज के कुछ लोगों ने आपत्तिजनक हालत में देखा था। इसके बाद से समाज के लोग सजा के तौर पर युवक का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने की बात पर अड़ गए।लेकिन महिला ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए कहा कि उसके साथ कोई ज्यादती या गलत काम नहीं हुआ है। महिला के इस बयान के बाद इलाके में इतना आक्रोश बढ़ा कि आज 37 गांवों के आदिवासियों ने इस मुद्दे पर लामबंद होकर रुठियाई पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। आदिवासियों की मांग थी कि महिला और उसके साथ पकड़े गए पुरुष के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनका जूलूस निकाला जाए। लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से मना कर दिया और उन्हें समझाइश दी। लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे औऱ थाने के सामने ही धरना देकर बैठ गए।

पुलिस बल ने ग्रामीणों को वहां से हटाने की कोशिश की तो उल्टा ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव करना शुरु कर दिया, कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।लेकिन हालात फिर भी काबू में नहीं आए तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ दिए। इससे भीड़ चितर-बितर हो गई और पुलिस ने उन्हें लाठी के दम पर बुरी तरह से खदेड़ दिया। हालत फिर से ना बिगड़े इसलिए सात पुलिस थानों का फोर्स और अतिरिक्त बल सहित करीब 400 पुलिसकर्मियों का दल मौके पर मौजूद है। हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए है। ऐहतियातन संवेदनशील इलाकों में अतिरक्ति पुलिस बल को तैनात किया गया है।

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