सरकारी नौकरी छोड़ चुनाव लड़ेंगे व्यापमं व्हीसल ब्लोअर आनंद राय, हो सकते हैं कांग्रेस प्रत्याशी

इंदौर। मध्यप्रदेश के इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा रोचक मुकाबला चुनावी महाभारत में देखने को मिलेगा। देश भर में व्यापमं घोटाला उजागर करने वाले डॉ. आनंद राय ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी है। वह अब चुनाव लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने अभी इस बात का ऐलान नहीं किया है कि वह किस पार्टी से प्रत्याशी होंगे। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इंदौर 5 विधानसभा से वह कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। राय आरटीआई एक्टिविस्ट भी हैं और उन्हें ज्यादा तर व्हीसल ब्लोअर के तौर पर भी जाना जाता है। 

राय ने ट्विटर पर मीडिया रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा है कि उन्होंने अपनी शासकीय सेवा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लिखा है कि सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए, युवाओं, बेरोजगार, दलितों, जनजातियों की आवाज उठाने के लिए मैंने इस्तीफा दिया है। राय इंदौर पांच विधानसभा से टिकट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए काफी लंबे समय से तैयारी शुरू कर दी थी। मीडिया में भी उन्होंने कई बार साक्षात्कार में भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। 

कांग्रेस से हो सकते हैं उम्मीदर

इंदौर पांच विधानसभा पर कांग्रेस में पेंच फंसा है। इस सीट से कांग्रेस ने 2013 पंकज संघवी को टिकट दिया था। पंकज संघवी भी एक ऐसा नाम है जिसके कॉलेज में बंपर नकल हुई। उसके कॉलेज के 37 इनविजिलेटर व्यापमं घोटाले में आरोपी बने। संघवी भी इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। लेकिन व्यापमं मामले में नाम आने के बाद उनकी दावेदारी खटाई में पड़ती दिखाई दे रही है। कांग्रेस से टिकट लेकर इंदौर-5 से चुनाव लड़ना चाहते हैं। पिछले सप्ताह ही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने डॉ. आनंद राय को सरकारी नौकरी छोड़ चुनाव की तैयारी करने को कह दिया था। इसी तैयारी में जब डॉ.राय पुरी कागजी कार्रवाई कर पिछले सप्ताह सिविल सर्जन के पास पहुंचे, तो इस समय डॉ. हीरालाल अलावा से भी वे संपर्क में रहे और दिल्ली भोपाल से कांग्रेस नेताओं के फोन भी उनके पास आते रहे। 

कांग्रेस ने रखी थी ये शर्त

डॉ. राय के ऊपर दबाव था कि वे जयस से अगर कांग्रेस का समझौता करवाते हैं तो पार्टी उन्हें टिकट देगी। लेकिन राय का कहना था कि उनका टिकट एक्टिविस्ट कोटे का है जयस का कोटा अलग है। इसके बाद जयस प्रमुख डॉ. हीरालाल अलावा कांग्रेस की कुक्षी सीट से चुनाव लडऩा चाहते थे और कांग्रेस नेता उन्हे मनावर से लड़ाना चाहते थे। इसके लिए भी कांग्रेस नेताओं ने डॉ. राय से संपर्क किया और उन्होंने डॉ. अलावा से बात की। यह पुरा घटनाक्रम स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन कार्यालय में चलता रहा। आखिरकार सूची जारी नहीं हुई तो डॉ. राय इस्तीफा दिए बगैर ही लौट गए, क्योंकि उन्हे आलाकमान ने जानकारी दी कि इंदौर विधानसभा 5 के प्रत्याशी को होल्ड पर रखा गया है।