बीजेपी में बढ़ी टेंशन, दो और पूर्व विधायकों ने की बगावत

भोपाल। बीजेपी में उठे बागी तेवरों ने पार्टी की नींद उड़ा दी है| एक-एक कर कई नेता अब तक पार्टी छोड़ चुके हैं| इसमें अधिकाँश पूर्व विधायक हैं|   प्रदेश कार्यालय में विरोध दर्ज करा चुके दावेदारों ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बैरसिया मे भाजपा के घोषित प्रत्याशी विष्णु खत्री के खिलाफ भाजपा के ही पूर्व विधायक ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है । समाज एवं पार्टी के काफी प्रयासों के बाबजूद बृहमनन्द रत्नाकर अपनी पार्टी से काफी खफा नजर आ रहे हैं।

रत्नाकर का कहना है कि वर्तमान समय मे अधिकतर रायशुमारी एवं सर्वे के आधार पर वर्तमान विधायक विष्णु खत्री को टिकिट दिया जाना नहीं चाहिए था एवं क्षेत्र में भी काफी विरोध है एवं क्षेत्र की जनता की मांग स्थानीय प्रत्याशी की थी। बावजूद इसके पार्टी ने खत्री को प्रत्याशी घोषित किया है|  ऐसी स्थिति में क्षेत्र की जनता मेरे ऊपर निर्दलीय चुनाव लड़ने का दबाव बना रही है | इसीलिए क्षेत्र की जनता एवं कार्यकर्ताओं की इच्छानुसार चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है ।

पूर्व विधायक भाजपा ब्रहमनन्द रत्नाकर ने कहा कि क्षेत्र की जनता एवं कार्यकर्ताओं के कहने पर मेने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है  एवं 9 तारीख को नामांकन भरने जाउंगा। वर्तमान विधायक विष्णु खत्री ने कहा कि पार्टी द्वारा मुझे प्रत्याशी घोषित किया है पार्टी का निर्णय मेरे लिये सर्वमान्य है मुझे नहीं लगता कि क्षेत्र में मेरा विरोध है | मेरे द्वारा किये गये कार्य क्षेत्र की जनता के सामने हैं | क्षेत्र का बचा हुआ विकास आगामी समय मे पूरा करूंगा ऐसा मेरा विश्वास है।


पूर्व विधायक मेवरा ने छोड़ी भाजपा 

श्योपुर जिले के दिग्गज नेता और भाजपा के पूर्व विधायक बाबूलाल मेवरा ने आज पार्टी छोड़ने का फैसला किया है| वे बसपा में शामिल होकर विजयपुर क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं|  मेवरा श्योपुर जिले में भाजपा की पहचान माने जाते रहे है । वे वहां से विधायक भी रह चुके है और पार्टी एक बार उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दे चुकी है । पिछली दफा भाजपा ने उनका टिकिट काटकर एकता परिषद के सीताराम आदिवासी को प्रत्याशी बनाया दिया था लेकिन वे हार गए थे । मेवरा इस बार पार्टी से टिकिट की आस लगाए बैठे थे । लेकिन पार्टी ने इस बार भी उनकी उपेक्षा कर दी । उनकी जगह फिर आदिवासी को टिकिट दे दिया ।