बाल विवाह: 27 का दूल्हा और 12 की दुल्हन, पुलिस मंडप से उठा लायी थाने

राजगढ़ ।मनीष सोनी । 

बाल विवाह एवं अर्थ आधारित नातरा जैसी पुरानी कुरूतियां आज समाज के लिये अभिशाप बन गई हैं और अपराध का रूप ले रही हैं| समाज में इसको लेकर जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं, सरकार भी इसको लेकर सख्त है, इसके बालविवाह अब भी प्रचलन में है|  नातरा और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओ के लिए जाना जाने वाला राजगढ़ जिला सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद आज भी बाल विवाह जैसी कुरूतियों का शिकार हो रहा है| ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिले के पचोर थाना क्षेत्र में, जहां 12 साल की एक नाबालिग बच्ची का विवाह 27 साल के युवक के साथ किया जा रहा था, लेकिन सही समय पर पुलिस पहुँच गई और दुल्हे और उसके परिवार को शादी के मंडप से थाने ले आयी| 

रविवार को पचोर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गाँव में  लड़के वालो की और से दुल्हन पक्ष पर दबाव बना कर बाल विवाह जैसे संगीन अपराध को अंजाम दिया जा रहा था | यही नही इस विवाह में जिस दूल्हा दुल्हन का ब्याह किया जा रहा था  उस दूल्हे की उम्र  27 वर्ष और दुल्हन की उम्र 12 वर्ष थी|  मामले की भनक जैसे ही महिला बाल विकास विभाग को हुई, विभाग की टीम बिन बुलाए बारातियों की तरह जा पहुंची और  पुलिस और बाल विकास विभाग की टीम ने नाबलिका व् उसके परिवार पर जबरदस्ती बालविवाह के लिए दबाव बना रहे दूल्हे और उसके परिवार को शादी के मंडप से थाने ले आये|  जहाँ महिला बाल विकास की टीम ने बतौर फरयादी 12 वर्षीय नाबलिका दुल्हन की और से दुल्हे व् उसके परिजानो द्वारा दबाव बनाकर जबरदस्ती शादी कराने की शिकायत दर्ज कराई और इस बाल विवाह को रुकवा दिया |  एक बार फिर महिला बाल विकास विभाग की सूझबुझ से एक मासूम की जिन्दगी तबाह होने से बच गयी, लेकिन इस कार्रवाई के दौरान महिला बाल विकास की टीम ने आरोप लगाए है कि पुलिस से जिस सहयोग की आवश्यकता थी वह उन्हें नही मिल पाया| बाल विवाह से सम्बन्धित सभी फरयादी और आरोपी दोनों को थाने लाने के लिए 2  घंटे बाद तक महिला बाल विकास की टीम को पुलिस से सहयोग के लिए इन्तजार करना पड़ा|


इनका कहना है 

 वार्ड 14 में नाबलिका के विवाह की सुचना मिली थी हम गए थे ओर  वहा जाँच की पता चला की वाकई में बालिका सही में छोटी है| इसके बाद हम केस बनाकर उनको थाने में लाये है, लेकिन दो घंटे हो गये है हमारी कोई सुनवाई नही हो रही है | हम ऐसे में बिना पुलिस के सहयोग के कैसे बाल विवाह रोक पाएंगे| 

-निर्मला आलावे  पर्यवेक्षक (महिला बाल विकास विभाग )