मध्य प्रदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच मध्य प्रदेश पंजीयन अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (Madhya Pradesh Registration Officer and Employees Union) ने वाणिज्यकर मंत्री से बड़ी मांग की है। दरअसल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के फलों में तेजी देखी जा रही है। बड़ी संख्या में श्रमिकों की रिपोर्ट पॉजिटिव (report positive) आने के बाद अब कर्मचारी संघ द्वारा पंजीयन कार्यालय में कार्य क्षमता और शैली को लेकर मंत्री से बड़ी अपील की गई।

इस दौरान पत्र लिखते हुए मध्य प्रदेश पंजीयन अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दुष्यंत दीक्षित ने कहा कि म.प्र. के प्रत्येक जिले में वैश्विक महामारी कोविड-19 के नए म्यूटेंट के भयानक संक्रमण के चलते पूरे प्रदेश में स्थिति भयावह है। जिससे सक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीँ एक मई से बढ़ी हुई नई गाईडलाईन लागू होने की प्रत्याशा में वर्तमान में उप पंजीयक कार्यालयों में बेतहाशा भीड़ बढ़ती जा रही है। जिसके फलस्वरूप कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिँग और कोविड की रोकथाम हेतु बनाए किसी भी नियम का पालन संभव नहीं हो पा रहा है।

जिससे ना केवल पंजीयन कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी अपने कर्तव्य निर्वहन के दौरान तेज़ी से कोरोना के नए म्यूटेंट से संक्रमित हो रहे हैं बल्कि पंजीयन कार्यालय आम जनता में भी कोरोना के संक्रमण को फैलाने वाले एपिक सेंटर बनते जा रहे हैं। इन कार्यालयों में दस्तावेज़ों का पंजीयन कराने आने वाले पक्षकार भी सैकड़ों की संख्या में संक्रमित हो रहे हैं।

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अभी हाल ही में अपने शासकीय कर्तव्य निर्वहन अर्थात पंजीयन कार्यालयों में आम जनता के दस्तावेज़ों के पंजीयन के दौरान उनके सम्पर्क में संक्रमित होकर उप पंजीयक सोनकच्छ (जिला देवास) नवीन जैन, उप पंजीयक धरमपुरी(जिला धार) योगेश पाटीदार, उप पंजीयक रतलाम शांतिलाल प्रजापति, उप पंजीयक कार्यालय पानसेवल के भृत्य गिरीश पांड्या की अपने पद पर रहते हुए मृत्यु हो चूकी है। वहीँ जिला पंजीयक खरगोन आर.एन.शर्मा, उप पंजीयक ग्वालियर वृन्दा ब्रम्हे और कई उप पंजीयक कोरोना के संक्रमित से होकर इस समय अस्पतालों में भर्ती हैं और जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं। सारे प्रदेश में पंजीयन कार्यालयों के पच्चीस से अधिक उप पंजीयक एवं अन्य कर्मचारी संक्रमित हो कर बमुश्किल अपना जीवन बचा सके हैं। म.प्र. पंजीयन अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ने मांग करते हुए कहा है कि

  • नई बढ़ी हुई गाईड लाईन (2020-21) 01/5/2021 के बजाय 01/7/21 से लागू की जावे। गौरतलब है कि गत वर्ष भी कोविड-19 के संक्रमण के कारण और विगत लगातार पॉंच वर्षों से अन्य कारणों से हर वित्तीय वर्ष में नई गाईड लाईन या तो लागू ही नहीं हुई है या फिर हर वर्ष 01 जुलाई से ही लागू होती रही है।
  • वर्तमान में सारे प्रदेश में कोविड-19 के नए म्यूटेंट से तेज़ी संक्रमित मरीज़ों से हर शहर ,हर जिले के सारे शासकीय और प्राईवेट अस्पताल भरे हुए हैं और आज दिनॉंक की स्थिति में किसी भी अस्पताल में ना तो नए मरीज़ों की भर्ती ही हो पा रही है और ना ही कोविड-19 से संक्रमित मरीज़ों के इलाज में ज़रूरी दवाईयॉं,ऑक्सीजन,इंजेक्शन आदि ही मिल रहे हैं। जिसके चलते प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में लोग मर रहे है।
  • अत: पंजीयन कार्यालयों को 15/05/2021 तक पूर्णत: बंद कर दिया जावे। ध्यान देने योग्य है कि पंजीयन कार्यालयों के बंद होने से शासकीय राजस्व की कोई क्षति नहीं होगी क्योंकि दस्तावेज़ो का अनिवार्यत: पंजीयन सिर्फ और सिर्फ शासकीय पंजीयन कार्यालयों में ही होता है। अत: जैसे ही कार्यालय खुलेंगे राजस्व प्राप्त हो जाएगा.कार्यलयों के बंद होने से राजस्व मात्र विलम्बित होगा। जो कि कोविड से संक्रमित होकर मरने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की तुलना में ज्यादा बेहतर होगा।
  • दिनॉंक 15/5/2021 के पश्चात कोविड-19 के संक्रमण की समीक्षोपरान्त यदि पंजीयन कार्यालयों को खोलने की अनुशंसा की भी जाती है तो सर्व प्रथम ऐसे दस्तावेज जिनका पंजीयन अनिवार्य नहीं है जैसे EM, वसीयत, एक वर्ष से कम के किराएनामे, सम्पति ख़रीदने की पॉवर ऑफ़ एटॉर्नी, अचल सम्पति के अंतरण को छोड़कर अन्य अनुबंध,म.प्र.प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम के तहत पंजीबद्ध होने वाले घोषणा पत्र,अचल सम्पत्ति के इनवॉल्मेंट बिना गठित होने वाली पार्टनरशिप डीड आदि का पंजीयन सपंदा एप्लिकेशन से बंद कर दिया जावे।

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हांलकि ऐसे दस्तावेज़ों के पंजीयन ना होने राजस्व का कोई नुक़सान नहीं होगा क्योंकि ऐसे दस्तावेज़ों पर वांछनीय स्टाम्प वसूलने का प्रावधान संपदा एप्लिकेशन मे है ही। 

  • मात्र ऐसे दस्तावेज जिनका पंजीयन अनिवार्य है के पंजीयन हेतु संपदा एप्लिकेशन में प्रावधान कर प्रति उप पंजीयक अधिकतम 10-12 दस्तावेज़ों के पंजीयन के स्लॉट किए जावें क्योंकि उल्लेखनीय है कि ज्यादतर उप पंजीयक कार्यालयों अत्यंत छोटे-छोटे सुविधाविहीन भवनों में संचालित हो रहे हैं।
  • जहॉं अधिकारियों/कर्मचारियों का भीषण अभाव है। ज्यादतर कार्यालयों में मेकर के रूप में काम करने वाले कर्मचारी नहीं हैं।
  • वहीं एक स्लॉट में औसतन कम से कम पॉंच व्यक्ति कार्यालय में आते हैं अर्थात दस या बारह स्लॉट होने पर भी एक उप पंजीयक एवं कर्मचारी को कम से कम प्रतिदिन पचास से साठ नए लोगों से निकट से मिलना होगा।
  • दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया के दौरान कार्यालयों में सभी पक्षकारों एवं गवाहों के मास्क हटाकर फोटो लेना होते हैं।
  • सभी पक्षकारों और गवाहों के एक ही पेन और एक ही थंब इम्प्रेशन डिवाइस से हस्ताक्षर और अंगुष्ठ निशान लेना होते हैं।

अत: आप कल्पना कर सकते हैं कि इससे अधिक स्लॉट होने पर पंजीयन कार्यालयों का क्या हाल होगा।  म.प्र. पंजीयन अधिकारी एवं कर्मचारी संघ आप से आम जनता एवं पंजीयन अधिकारियों/कर्मचारियों की जान की रक्षा के लिए निवेदन करते हुए कहा है कि कृपया वर्तमान कोविड-19 के भयानक संक्रमण को ध्यान में रखकर गंभीरता पूर्वक मनन करते हुए आम जनता ,पंजीयन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जान की हानि के मद्दें नज़र उचित निर्णय ले।