आक्रोशित कृषि छात्रों को गिरफ्तार कर भेजा जेल, 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स पर प्रकरण दर्ज

छात्रों ने चेतावनी दी कि आज तो हमने जेल भरो आंदोलन किया है लेकिन 23 मार्च को हम फांसी दो आंदोलन करेंगे।

इंदौर, आकाश धौलपुरे। कृषि अधिकारी परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर प्रदेश भर के कृषि छात्र आंदोलित हैं । ग्वालियर और इंदौर में तो छात्रों का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। दरअसल, कृषि छात्रों का आरोप है कि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) द्वारा धांधली की गई है। भिंड और मुरैना के कॄषि छात्रों को कृषि अधिकारी परीक्षा में धांधली कर लाभ पहुंचाया गया है। इंदौर में इसी मामले को लेकर पिछले 29 दिनों से कृषि स्टूडेंट्स आंदोलित हैं। सोमवार को  विरोध के चलते पीईबी (PEB) पर आरोप लगाया है कि प्रदेश में ये व्यापम घोटाला पार्ट -2 है। छात्रों की माने तो व्यापम भले ही प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) हो गया हो लेकिन उसकी कार्यशैली पर अब भी पहले जैसी ही है। कृषि छात्रों ने पीईबी (PEB) को भंग कर आयोग के गठन की मांग भी पिछले दिनों की थी।

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वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा में घोटाले को लेकर सोमवार को कृषि स्टूडेंट्स इंसाफ के लिए कृषि महाविद्यालय से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च करने वाले थे लेकिन इसी बीच भारी पुलिस बल और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के आने के बावजूद स्टूडेंट्स की नारेबाजी और विरोध जारी रहा। जिसके बाद कृषि स्टूडेंट्स पैदल मार्च के लिए तैयार हो गए लेकिन पुलिस ने इस दौरान 50 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार कर उन्हें सीआई जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों की माने तो कृषि छात्र बिना परमिशन के पैदल मार्च करने पर अडिग थे जिसके चलते पुलिस ने उन पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज उन्हें जेल भेज दिया है।

इधर, व्यापम घोटाला पार्ट – 2 आंदोलन करने वाले छात्रों की माने तो आज उन्होंने जेल भरो आंदोलन किया है वहीं  ये सवाल उठाए कि जिन लोगों को जेल जाना था वो बाहर हैं और जो ईमानदार छात्र हैं वो जेल में बंद हैं।  कृषि छात्रों का कहना है कि आज हमारे आंदोलन को 29 दिन हो गए हैं लेकिन शासन – प्रशासन कोई भी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है, व्यापम घोटाले पार्ट -2 को लेकर सरकार के कान में जूं तक नही रेंग रही है। सरकार की तरफ से केवल इस मामले जांच करने की बात का ही ट्वीट किया है। छात्रों ने चेतावनी दी कि आज तो हमने जेल भरो आंदोलन किया है लेकिन 23 मार्च को हम फांसी दो आंदोलन करेंगे।

फिलहाल, इस मामले में अभी तक केवल जांच की ही बात की जा रही है ऐसे में आने वाले दिनों में कृषि छात्र और भी उग्र हो जाएंगे लिहाजा, सरकार और पीईबी को जांच पूरी कर जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी कर देना चाहिए।