मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर ये बोले CM शिवराज, कांग्रेस ने किया फैसले का स्वागत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिए बयान को लेकर कांग्रेस (congress) ने फैसले का स्वागत किया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। उपचुनाव (by-election) में बीजेपी (bjp) की शानदार जीत के बाद एक तरफ जहां मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को खारिज कर दिया है। सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने कहा कि अभी फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet expansion)की कोई योजना नहीं है। सीएम ने कहा कि अभी मंत्रिमंडल विस्तार में जल्दीबाजी करने की जरूरत नहीं है।

दर्शन और चुनाव में बीजेपी को 28 में से 19 सीटों पर जबर्दस्त जीत हासिल हुई है। यह सब चुनाव में बीजेपी की तरफ से एक ग्यारह मंत्री चुनाव में मैदान में उतरे थे। जिनमें तीन एदल सिंह कंसाना (Aindal Singh Kansana), गिर्राज दंडोतिया (Girraj Dandotia) और इमरती देवी (Imarti Devi) के चुनाव हारने के बाद इनके मंत्रि बनने की संभावना खत्म हो गई है। वहीं दूसरी तरफ तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) और गोविंद सिंह राजपूत (Govind singh Rajput) भारी मतों से विजयी हुए थे। इसके बाद उनकी शिवराज मंत्रिमंडल (Shivraj Cabinet) में वापसी तय है। खाली 4 पदों के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है।

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इसी बीच उपचुनाव के नतीजे आने के बाद अटकले लगने लगी थी कि जल्द मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि इसको लेकर जल्दीबाजी करने की आवश्यकता नहीं है। दूसरी तरफ बिजली के दाम बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी बिजली बिल के दामों को लेकर कोई विचार नहीं किया गया है। जैसे कोई विचार किया जाएगा आप तक सूचना पहुंच जाएगी।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिए बयान को लेकर कांग्रेस (congress) ने फैसले का स्वागत किया है। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि यदि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट का विस्तार नहीं कर रहे हैं तो यह स्वागत योग्य कदम है क्योंकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था फिलहाल अच्छी नहीं है। ऐसे में यदि नए मंत्री बनाए जाते हैं तो सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है।

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