भोपाल गैस त्रासदी की 36वीं बरसी पर सीएम शिवराज की बड़ी घोषणा, कही ये महत्वपूर्ण बात

सीएम शिवराज ने कहा कि अपने सुख के लिए कई बार ऐसे चीजें इजाद कर लेते हैं जो हमारे लिए ही मुश्किल बन जाती है और इसका परिणाम भयानक होता है। भोपाल गैस त्रासदी ने हमें पर्यावरण और विकास में संतुलन के लिए सबक दिया है। जो हमें हमेशा याद रखना है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में आज से 36 साल पहले हुए भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) से आज भी लोग नहीं उबर पाए हैं। यह त्रासदी एक ऐसी त्रासदी थी। जिसने जाने कितने परिवारों जिंदगी तबाह कर दी। भोपाल गैस त्रासदी की 36वीं बरसी पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। जहां उन्होंने गैस त्रासदी का दंश झेल रही महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है।

प्रार्थना सभा में आयोजित होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गैस त्रासदी का दंश झेल रही प्रदेश की बहनों को मिलने वाली पेंशन (pension) बंद कर दी गई थी। उस पेंशन को तत्काल फिर से प्रारंभ किया जाएगा। सीएम शिवराज ने कहा कि कल्याणी बहनों को 1000 रूपए की मासिक पेंशन की शुरुआत की जाएगी ताकि वह स्वस्थ रहें और उन्हें लंबी आयु मिले।

Read More: दिग्विजय सिंह का निशाना- किसान और मजदूर विरोधी है सरकार, गंगाजल लेकर बोल रही झूठ

इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने का कि प्रदेश में एक ऐसा स्मारक भी बनाया जाएगा जो हमें इस त्रासदी की याद दिलाए और पूरी दुनिया इससे सबक लेकर हम ऐसी चीज कभी ना बनाएं जो हम पर ही भारी पड़े। इतना ही नहीं भोपाल गैस त्रासदी के 36वीं बरसी पर सीएम शिवराज ने कहा कि हम उनसे जानकारी देकर संकल्प लेते हैं कि हम पर्यावरण को बचा कर रखेंगे और कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने का भोपाल गैस त्रासदी का वह मंजर उनकी आंखों के सामने ऐसा ही उतर जाता है। उन्होंने कहा कि उस वक्त 25 वर्ष के थे जब उन्होंने वह मंजर देखा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाए रखने के साथ-साथ पेड़ पौधे पशु पक्षी का भी ध्यान रखा जाए।

भोपाल गैस त्रासदी के 36 बरसी पर बोलते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि अपने सुख के लिए कई बार ऐसे चीजें इजाद कर लेते हैं जो हमारे लिए ही मुश्किल बन जाती है और इसका परिणाम भयानक होता है। भोपाल गैस त्रासदी ने हमें पर्यावरण और विकास में संतुलन के लिए सबक दिया है। जो हमें हमेशा याद रखना है।