कोचिंग संस्थानों को लेकर कलेक्टर का नया आदेश, ऐसे लगेगी कक्षाएं

इस मुद्दे पर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कोचिंग संचालकों के शर्त मानते हुए उन्हें नियमित कक्षाएं आयोजित करने के आदेश दे दिए।

mp

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कोचिंग (coaching) या ट्यूशन सेंटर की नियमित कक्षाएं लगेंगी। कोचिंग सेंटर के अल्टरनेट डेज (ulternt days) को खत्म कर दिया गया है। इस संबंध में भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया (avinash lavania) ने आदेश जारी किए हैं। जहां उन्होने अपने पूर्व के आदेश को निरस्त कर दिया है। बता दे कि इससे पहले सप्ताह में 3 दिन कोचिंग की कक्षाएं आयोजित की जाती थी।

दरअसल राजधानी भोपाल में अब नियमित रूप से कोचिंग कक्षाएं लगेंगी। हालांकि इन कक्षा में 50% क्षमता के साथ विद्यार्थियों को बैठाया जाएगा। इसके साथ ही साथ कोचिंग संचालकों को अन्य कोरोना गाइडलाइन (corona guideline) का पालन करना होगा। ज्ञात हो कि कोचिंग एसोसिएशन ने भोपाल कलेक्टर के साथ एक बैठक की थी। जहां उन्होंने कलेक्टर अविनाश लवानिया के सामने तीन प्रमुख मांगे रखी थी।इस मुद्दे पर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कोचिंग संचालकों के शर्त मानते हुए उन्हें नियमित कक्षाएं आयोजित करने के आदेश दे दिए।

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हालाकि 50% क्षमता के साथ ही कक्षाएं आयोजित करने की बात कही गई है। वहीं कोचिंग पहुंचने से पहले सभी विद्यार्थियों को अभिभावकों से लिखित सहमति लेना आवश्यक होगा। कोचिंग कक्षा सिर्फ शंका के निराकरण के लिए संचालित की जाएगी। विद्यार्थियों को 6 फीट की शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बैठना होगा। इसके साथ ही एक बेंच पर एक ही छात्र के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

वहीं यदि किसी छात्र-स्टाफ की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तो उनके नेगेटिव आने के 7 दिन तक क्वॉरेंटाइन रहने के बाद ही उन्हें कोचिंग सेंटर में प्रवेश किया जाएगा। वहीं कोचिंग सेंटर में सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही हॉस्टल पूरी तरह से बंद रहेंगे। एसडीएम समय-समय पर कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करेंगे। यदि कोचिंग संचालकों द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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