चर्चाओं में आईएएस पी. नरहरि की किताब- The Great Tale of Hinduism

"द ग्रेट वॉल ऑफ हिंदुइज्म" के बारे में लेखिका और कवियत्री मुरली रूकेसर ने कहा है कि जीवन की अनुकूलशीलता और प्रगतिशीलता के लिए हिंदू दर्शन की मूल आवश्यकता है जिसको पढ़ने के साथ-साथ अपने जीवन में विकसित करने की भी जरूरत है और यह किताब हमारे अंदर उसी भावना का विकास करेगी।

P.Nrarhari
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के आईएएस पी. नरहरि एक बार फिर से चर्चा में हैं। लेकिन इस बार उनकी चर्चाओं का कारण है उनकी लिखी किताब “The Great Tale of Hinduism” हिंदू सभ्यता जहां एक तरफ स्वस्थ समाज की जननी रही है। वहीं दूसरी तरफ इसकी पौराणिक कथाओं ने लगातार समाज को एक सकारात्मक दृष्टि देने का कार्य किया है। हिंदू पौराणिक कथाएं जीवन के पथ पर अनुशासन एवं प्रगति के साथ-साथ संस्कार की भी निर्माता रही है। दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म की ऐसे ही कुछ विचारक कहानियां की किताब “The Great Tale of Hinduism” लेकर आ रहे है लेखक और प्रकाशक आईएएस पी नरहरि (Author and publisher IAS P Narhari) और पृथ्वीराज सिंह।

दरअसल आईएएस पी नरहरि(IAS P Narhari) और पृथ्वीराज सिंह(Prithviraj Singh) की लिखी “द ग्रेट वॉल ऑफ हिंदूज्म”(The Great Tale of Hinduism) भारतीय समाज के हिंदू पौराणिक कथाओं का एक बेजोड़ संगम है। इस किताब में लेखक पी नरहरि और पृथ्वीराज सिंह ने हिंदू धर्म की उस भूमिका का समर्थन किया है। जो सुदृढ़ समाज के निर्माण में हमेशा प्रगतिशील रही है। इस किताब के माध्यम से लेखक पी नरहरि और पृथ्वीराज सिंह ने समाज को हिंदू पौराणिक कथाओं के माध्यम से आगामी जीवन शैली में होते रहे बदलाव और नैतिकता की एक अलग तस्वीर पेश की है। इस किताब के माध्यम से लेखक आईएएस पी नरहरि और पृथ्वीराज सिंह ने हिंदू धर्म को वो मूल बताया है जिसके मूल्य सभी के लिए समान है।

“द ग्रेट वॉल ऑफ हिंदूज्म” के बारे में लेखिका और कवियत्री मुरली रूकेसर ने कहा है कि जीवन की अनुकूलशीलता और प्रगतिशीलता के लिए हिंदू दर्शन की मूल आवश्यकता है। जिसको पढ़ने के साथ-साथ अपने जीवन में विकसित करने की भी जरूरत है और यह किताब हमारे अंदर उसी भावना का विकास करेगी।

बता दे कि 1 मार्च 1975 को जन्में पी नरहरि 2001 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे वर्तमान में आयुक्त, तकनीकि शिक्षा है। पी नरहरि तेलंगाना के करीम नगर ज़िले के बसंतनगर गांव के रहने वाले हैं। वे जबलपुर-ग्वालियर और इंदौर के कलेक्टर रह चुके हैं। इससे पहले द बेटर इंडिया ने (IAS P. Narahari) को साल 2017 के 10 सबसे प्रेरक IAS अधिकारियों में से एक प्रेरक अधिकारी के रूप में मान्यता दी थी । मध्यप्रदेश के आईएएस पी नरहरि को विभिन्न दलों की लगातार तीन सरकारों के प्रचार सलाहकार (Publicity Advisor) के रूप में श्रेय दिया गया है।

चर्चाओं में आईएएस पी. नरहरि की किताब- The Great Tale of Hinduism