शिवपुरी, मोनू प्रधान। एक तरफ जहां कोरोना (Corona) से जनता पहले से ही परेशान है तो वही बेमौसम बरसात ने किसानों (Farmers) की परेशानी और बढ़ा दी है। वही अब शिवपुरी (Shivpuri) जिले की पिपरसमा मंडी में प्याज की खरीदी पर प्रशासन ने 30 मई तक रोक लगा दी है जिसके बाद किसानों पर एक और मुसीबत आन पड़ी है, क्योंकि इस बेमौसम बरसात के कारण किसानों की प्यास खेतों पर पड़ी खराब हो रही है।

यह भी पढ़ें…हनुमानजी की मूर्ति को पहनाई डॉक्टर की वेशभूषा, हिंदूवादी संगठनों ने किया विरोध

किसान हो रहे परेशान
शिवपुरी जिलें की पिपरसमा मंडी में प्याज़ की खरीदी व्यापारियों द्वारा की जा रही थी जिसपर अब जिला प्रशासन ने 30 मई तक रोक लगा दी है। मंडी बंद होने के आदेश के बाद किसान अपना दर्द व्यान करते दिखाई दिए। किसानों का कहना है कि उनके खेतों में क्विंटलों प्याज खुले में पड़ी हुई है। बिना किसी सूचना पर मंडी को अचानक बंद कर दिया गया। ,24 घंटे से किसान पानी में बैठे थे। जिस तरह से गेहूं खरीदी की मंडियां चलाई जा रही है उस तरह से हमारी मंडिया भी चलाई जाए। प्याज खेत पर रखी रखी खराब हो रही है। पिछले लॉकडाउन में भी प्याज की खरीद बंद नहीं हुई थी। क्योंकि प्याज कच्चा माल है अगर खरीदी चालू नहीं होती है तो माल पूरा सड़ जाएगा। जिससे कि किसानों को लाखों रुपए का नुकसान होगा। किसानों ने कर्जा लेकर भी फसलें लगाई थी उनके लिए यह बहुत परेशानी पैदा कर देगा। बारिश होने की वजह से खेतों में पड़ी प्याज खराब होने की कगार पर है। अब ऐसे में मंडी में प्याज़ की खरीदी शुरू नहीं हुई तो खेतों में पड़ी प्याज खराब हो जाएगी। जिससे हमें लाखों रुपये का नुकसान हो जाएगा।

यह भी पढ़ें…शिवपुरी : प्रतिबंध के बाद भी शादी और मृत्युभोज के हो रहे थे आयोजन, पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज

इधर प्रशासन भी कोरोना को देखते हुए सख्त रवैया अपना रहा है सब्जी मंडी को 30 मई तक बंद करने का ऐलान कर चुका है। ऐसे में प्रशासन और बारिश किसानों के लिए दोनों ही आफत बन गए हैं अब ऐसे में किसान किससे गुहार लगाये इधर 24 घंटे से रिमझिम बारिश ने किसानों की प्याज की फसल को बड़ा नुकसान पहुचाया है।