MP School: शासकीय स्कूलों के लिए शिवराज सरकार की बड़ी योजना, नए सत्र से मिलेगा लाभ

स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि छोटी छोटी स्कूल के निरीक्षण में होने वाले समय की बचत की जाएगी और अन्य खर्च और मानदेय पर बचत कर इस को नियंत्रण में लाया जाएगा।

mp school

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) की शिवराज सरकार (shivraj government) ने निजी स्कूल की तर्ज पर शासकीय स्कूल (government school) के लिए बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के कुल 1 लाख 2 हजार सरकारी स्कूलों को मिलाकर केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर 9200 सीएम राइज़ स्कूल (CM Rise School) खोले जाएंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी है। वही सीएम राइज़ स्कूलों के चयन के लिए सत्यापन की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल लोक शिक्षण संचनालय आयुक्त जयश्री कियावत ने कहा है कि प्राथमिकता के आधार पर जल्दी सीएम राइज़ स्कूलों के लिए स्कूलों का चयन किया जाए और उसके सत्यापन और क्रॉस जांच कार्रवाई पूरी की जाए। बता दें कि प्रदेश में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर 9200 सीएम राजे स्कूल खोले जाएंगे। सरकार प्रत्येक स्कूल पर 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में कक्षा संचालित की जाएगी।

इसके साथ ही यह स्कूल निजी स्कूल की तरह विश्वस्तरीय सुविधाओं से सम्मिलित रहेंगे। जिसमें स्विमिंग पूल बैंकिंग काउंटर, स्मार्ट क्लासरूम, कैफेटेरिया, एनसीसी आदि मौजूद होंगे। इतना ही नहीं कवर्ड कैंपस, स्मार्ट रूम, स्मार्ट क्लास, आईटीसी लैब (कम्प्यूटर लैब), म्यूजिक रूम, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम की सुविधाएं रहेंगी। इन शासकीय स्कूल में प्री नर्सरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक की कक्षा संचालित की जाएगी। इसके साथ ही इस स्कूल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को सुविधा युक्त शिक्षा निशुल्क दी जाएगी। वहीं स्कूलों में 15 से 20 किलोमीटर के क्षेत्र में रहने वाले बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे।

Read More: भोपाल सैण्ड ट्रक आनर्स एशोसिएशन की हड़ताल समाप्त, मंत्री बोले- अब सिर्फ चेकपोस्ट पर ही चेक होंगी गाड़ियां

इस मामले में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (indar singh parmar) का कहना है कि सरकार की मंशा है कि सीएम राइज़ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे सीबीएसई ओर आईसीएसई बोर्ड के बच्चों से मुकाबला कर सके। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि छोटी छोटी स्कूल के निरीक्षण में होने वाले समय की बचत की जाएगी और अन्य खर्च और मानदेय पर बचत कर इस को नियंत्रण में लाया जाएगा।

स्कूलों का क्षेत्र 15 से 20 किमी इन स्कूलों का कार्यक्षेत्र 15 से 20 किमी होगा। उस परिधि के अन्य सभी सरकारी स्कूलों को बंद करके इसी स्कूल में मर्ज कर दिया जाएगा। वही स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि सीएम राइज़ स्कूल बेहतर पढ़ाई के लिए बनाए जा रहे हैं। जहां पहले स्तर का सर्वे किया जा चुका है। वही प्रयोग के तौर पर अगले सत्र में कुछ स्कूल शुरू किए जाएंगे जबकि सीएम राइज प्रोजेक्ट 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा।

Read More: MP: कांग्रेस की अहम बैठक आज, इन मुद्दों पर बनेगी रणनीतियां

वहीं स्कूल में पढ़ाई के लिए शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी और उन नियमित शिक्षकों की तुलना में ज्यादा वेतन दिया जाएगा। इतना ही नहीं इन स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को स्कूल परिसर में ही मकान उपलब्ध कराए जाएंगे वही इन स्कूलों के बच्चों के ड्रेस कोड भी निजी स्कूलों के बच्चे जैसे ही होंगे।

वैसे सरकार की मंशा है कि इस मिशन को 5 वर्षों के बीच दो चरणों में पूरा किया जाएगा। जहां पहले चरण मैं 1 अप्रैल 2021 से 1 किलोमीटर के दायरे के सभी शासकीय प्राथमिक विद्यालय और 3 किलोमीटर तक के दायरे के माध्यमिक विद्यालय को जोड़ दिया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर सीएम राइज स्कूल का निर्माण किया जाएगा। जिसमें 25 शिक्षकों के साथ 1248 बच्चे स्कूल का हिस्सा होंगे। जबकि दूसरे चरण 1 अप्रैल 2022 से शुरू होगा। इसमें 1 से 3 किलोमीटर तक के प्राथमिक विद्यालय और 1 से 10 किलो तक के माध्यमिक विद्यालय को जोड़ा जाएगा।