सौतेला रवैया! विवेक तन्खा की शिवराज सरकार को चेतावनी- कोर्ट जाने के लिए ना करें मजबूर

जबलपुर को भी जनसंख्या और मरीज के मुताबिक 25 से 30 फीसद इंजेक्शन की जरूरत है। इसका ध्यान रखा जाए वरना वह इस मामले को कोर्ट में लेकर जा सकते हैं।

विवेक तन्खा

जबलपुर, संदीप कुमार। प्रदेश में लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिसके बाद प्रदेश भर में ऑक्सीजन सिलेंडर (oxygen cylinder) सहित रिमेडिसिवीर इंजेक्शन (Remedicivir injection) की मांग भी बढ़ गई है। इसी बीच बीते दिनों मीडिया संस्थान को इंटरव्यू देते हुए लोक स्वास्थ्य सचिव आकाश त्रिपाठी ने कहा था कि 30 अप्रैल तक प्रदेश में 1 लाख रेमेडीसीवर इंजेक्शन पहुंचेंगे। जिसमें से इंदौर को 25 से 30% डोज दिए जाएंगे। वही अब इस पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा (vivek tankha) ने शिवराज सरकार (shivraj government) को घेरने का काम किया है।

दरअसल विवेक तन्खा ने एक-एक ट्वीट करते हुए कहा है कि मरीज, जनसंख्या और जरूरत के हिसाब से इंजेक्शन का संभागीय कोटा निर्धारित किया जाए। लगातार देखा जा रहा है कि से ऑक्सीजन सिलिंडर हो या फिर रेमेडीसीविर इंजेक्शन जबलपुर को मध्य प्रदेश से बाहर का हिस्सा समझा जा रहा है।

इतना ही नहीं विवेक तन्खा ने पूछा कि अभी तक लगभग 12000 रेमेडीसीविर इंजेक्शन मध्य प्रदेश को उपलब्ध कराए जा चुके हैं लेकिन इनमें से जबलपुर को क्या दिया गया है। विवेक तन्खा ने कहा कि कुछ हजार इंजेक्शन जबलपुर को उपलब्ध कराए गए हैं। इतना ही नहीं विवेक तन्खा ने सरकार को चेतावनी देते हुए लोक स्वास्थ्य सचिव को कहा है कि जबलपुर के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। वहीं उन्हें न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर न किया जाए।

बता दें कि इससे पहले भोपाल और ग्वालियर सहित इंदौर में ऑक्सीजन एयर रूट की बात पर प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए विवेक तन्खा ने पूछा था कि क्या जबलपुर मध्य प्रदेश का हिस्सा नहीं है या क्या जबलपुर मध्य प्रदेश में नहीं कहीं और है।

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गौरतलब हो कि बीते दिनों लोक स्वास्थ्य सचिव आकाश त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश को 30 अप्रैल तक कुछ 92400 इंजेक्शन की डोज मिलने वाले हैं। वही पुराने कुछ आर्डर पेंडिंग है। इस तरह 110000 से अधिक दोष मध्य प्रदेश को उपलब्ध होंगे। जिनमें से सरकार 45000 अपने पास रखेगी जबकि शेष निजी अस्पतालों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

इतना ही नहीं आकाश त्रिपाठी ने कहा था कि कुल रोज का 25 से 30 फीसद हिस्सा इंदौर को दिया जाएगा। जिस पर अब तंखा ने ट्वीट करते हुए सरकार को गिरा है। उन्होंने कहा कि मेरी जनसंख्या और जरूरत के आधार पर इंजेक्शन का बंटवारा किया जाए। जहां इंदौर को 30 फ़ीसदी इंजेक्शन की जरूरत है। वही जबलपुर को भी जनसंख्या और मरीज के मुताबिक 25 से 30 फीसद इंजेक्शन की जरूरत है। इसका ध्यान रखा जाए वरना वह इस मामले को कोर्ट में लेकर जा सकते हैं।