Commonwealth Games 2022 : सभी को गलत साबित करते हुए तेजस्विन शंकर ने हाई-जम्प में भारत के लिए जीता ब्रॉन्ज मेडल

भारतीय एथलीट इवेंट में शुरू से ही काफी आत्मविश्वास से लबरेज नजर आया और वह एक के बाद एक अपने शानदार जंप से सबको चौंकाता हुआ चला गया।

खेल, डेस्क रिपोर्ट। हाई-जम्प के राष्ट्रिय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने यहां कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत के लिए ट्रैक एंड फील्ड का पहला मेडल जीता। उन्होंने 2.22 की सर्वश्रेष्ठ जम्प के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 2.25 मीटर में पहले दो प्रयासों में चूकने के बाद, शंकर ने स्वर्ण के लक्ष्य के साथ 2.28 मीटर कूदने का फैसला किया, लेकिन वह चूक गए। तेजस्विन कॉमनवेल्थ खेलों में ऊंची कूद में पदक जीतने वाले पहले भारतीय भी बने।

भारतीय एथलीट इवेंट में शुरू से ही काफी आत्मविश्वास से लबरेज नजर आया और वह एक के बाद एक अपने शानदार जंप से सबको चौंकाता हुआ चला गया। किसी विवाद के चलते ओपनिंग सेरेमनी मिस कर कॉमनवेल्थ गेम्स में देरी से पहुंचे तेजस्विन शंकर ने 2.10 मीटर के जम्प के साथ शुरुआत की। इसके बाद शंकर ने पहले प्रयास में ही 2.15 मीटर का मार्क पूरा किया।

इसके बाद उन्होंने एक बार फिर से पहले प्रयास में ही 2.22 मीटर का मार्क पार किया। लेकिन वह 2.25 मीटर जंप करने से चूक गए।

ये था विवाद

2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 6वें स्थान पर रहने वाले तेजस्विन शंकर को चेन्नई में एक इंटर-स्टेट में प्रतिस्पर्धा करने में विफल रहने के बाद शुरू में भारतीय एथलेटिक्स टीम में नहीं चुना गया था। उस समय वह अमेरिका में एनसीएए चैंपियनशिप में भाग ले रहे थे।

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए 2.27 मीटर ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन अंक प्राप्त करने के बावजूद, तेजस्विन को भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा चयन के लिए योग्य नहीं माना गया था।

ऐसे हुआ चयन

तेजस्विन ने खेलों में भाग लेने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए एएफआई (AFI) को कटघरे में ला खड़ा किया।हाई कोर्ट ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के लिए भारतीय टीम में शामिल करने का आदेश दिया।

एएफआई ने शुरू में कहा था कि अगर आईओए एथलेटिक्स के लिए कोटा बढ़ाता है तो इसमें तेजस्विन का नाम शामिल होगा। अंत में उन्हें टीम में क्वार्टर-मील धावक अरोकिया राजीव के बाहर होने के बाद शामिल किया गया। राजीव अपने फिटनेस टेस्ट में विफल रहे थे।

लेकिन इस दौरान कहानी में एक और मोड़ तब आया जब आईओए (IOA) तेजस्विन की भागीदारी को लेकर स्वकृति नहीं दी लेकिन भारतीय टीम के दो सदस्यों के डोप परीक्षण में विफल होने के बाद आखिरकार राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने तेजस्विन की प्रविष्टि को स्वीकार कर लिया।