Haldiram: वैल्यूएशन पसंद नहीं आने के चलते ठुकराया जा सकता है हल्दीराम को बेचने का फैसला! पढ़ें खबर

Haldiram: हल्दीराम की खरीद के लिए 69,138 करोड़ रुपये (8.3 अरब डॉलर) का वैल्यूएशन ऑफर दिया गया था, लेकिन प्रमोटर परिवार को यह रकम संतोषजनक नहीं लगी। इस वजह से वे इन ऑफर्स को ठुकराने की तैयारी में हैं।

Haldiram: भारत की चर्चित नमकीन और स्नैक्स निर्माता कंपनी हल्दीराम (Haldiram) अब नहीं बिकेगी। दरअसल कंपनी के प्रमोटरों को विभिन्न कंपनियों से मिले ऑफर्स पसंद नहीं आए, इसलिए उन्होंने इसे बेचने का निर्णय अभी टाल दिया है। जानकारी के अनुसार हल्दीराम की खरीद के लिए 69,138 करोड़ रुपये (8.3 अरब डॉलर) का वैल्यूएशन ऑफर दिया गया था, लेकिन प्रमोटर परिवार को यह रकम संतोषजनक नहीं लगी। इस वजह से वे इन ऑफर्स को ठुकराने की तैयारी में हैं।

इस वैल्यूएशन पर नहीं बेचीं जाएगी कंपनी:

दरअसल हल्दीराम को खरीदने के लिए निजी इक्विटी फर्मों ने नॉन बाइंडिंग ऑफर दिए थे। वहीं बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हल्दीराम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह भी दावा किया गया है कि प्रमोटर्स ने प्राइवेट इक्विटी कंपनियों को बता दिया है कि प्रमोटर इस वैल्यूएशन पर कंपनी को नहीं बेचने वाले हैं।

इन कंपनियों ने खेला था दाव:

दरअसल हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हल्दीराम स्नैक्स को खरीदने के लिए ब्लैकस्टोन (Blackstone), बेन कैपिटल (Bain Capital), और सिंगापुर की टेमासेक (Temasek) ने भी ऑफर दिए थे। वहीं रॉयटर्स की एक रिपोर्ट की माने तो, टाटा कंज्यूमर ने भी पिछले साल सितंबर में हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश की थी।

लेकिन उस समय कंपनी के प्रमोटरों ने उसका मूल्य 83,300 करोड़ रुपये यानी करीब 10 अरब डॉलर निर्धारित किया था, जिसके चलते यह सौदा नहीं हो पाया था। वहीं इसके अलावा, कंपनी नेलिस्टिंग से पहले स्टॉक एक्सचेंज पर पिछले साल बेन कैपिटल के साथ 10 प्रतिशत अधिक हिस्सेदारी बेचने के लिए भी बातचीत रखी थी, लेकिन यह डील भी नहीं हो पाई थी।

जल्द ही हल्दीराम के दो मालिक हो जाएंगे एक:

दरअसल अग्रवाल परिवार जो कि हल्दीराम के मालिक है। अब उनके नई दिल्ली और नागपुर हिस्सों ने अपने कारोबार के विलय का निर्णय लिया है। हालांकि, परिवार का तीसरा हिस्सा, जो कोलकाता में स्थित है, अभी तक इस नई डील का हिस्सा नहीं बना है। जानकारी के अनुसार Haldiram’s Snacks and Haldiram’s Food इंटरनेशनल के एफएमसीजी कारोबार को मिलाकर एक नई कंपनी बनाई गई है, जिसका नाम हल्दीराम स्नैक्स फूड्स रखा गया है।

वहीं इस नई इकाई की बात की जाए तो इसमें हल्दीराम स्नैक्स के मौजूदा शेयरधारकों को 56 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलने वाली है। जबकि हल्दीराम फूड इंटरनेशनल की बात करें तो इसके शेयरधारकों को मात्र 44 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। जानकारी के अनुसार यह सौदा हो जाने के बाद, हल्दीराम स्नैक्स फूड्स ही पूरे हल्दीराम समूह का मालिकाना हक संभालेगा।


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Rishabh Namdev

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मैंने श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। मैं पत्रकारिता में आने वाले समय में अच्छे प्रदर्शन और कार्य अनुभव की आशा कर रहा हूं। मैंने अपने जीवन में काम करते हुए देश के निचले स्तर को गहराई से जाना है। जिसके चलते मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बनने की इच्छा रखता हूं।