Panchayat 2 Review : हंसी कब बदल जाएगी आंसुओं में ऐसी है यह कहानी, जाने वेब सीरीज का पूरा रिव्यू

पिछले सीजन में जहां परिस्थितिजन्य हास्य को लोगों ने ख़ासा पसंद किया था, वहीँ इस बार इस सीरीज में कुछ पल आपको भावुक कर देंगे।

मनोरंजन, डेस्क रिपोर्ट। Panchayat 2 Review लॉकडाउन में लोगों ने अपनी बोरियत दूर करने के लिए बहुत सी वेब सीरीज देखी। यूँ तो कई तरह की सस्पेंस, थ्रिलर, हॉरर और कॉमेडी जोनर की वेब सीरीज आई, परन्तु एक वेब सीरीज ऐसी थी, जो सहज और सरल कहानी और अभिनय से भरपूर थी। इसके निर्मल हास्य में सराबोर हो दर्शक भूल ही गए कि कोई कहानी चल रही है या कोई हकीकत का दृश्य है। ‘पंचायत’ नाम की इस वेब सीरीज में कलाकारों ने इतना वास्तविक अभिनय किया है कि लगता है हमारे आस-पास के ही कोई लोग हों और उनका जीवन परदे पर उतर दिया गया है। शायद इसकी सरलता की वजह से ही इसे दर्शकों का अपार प्रेम मिला। अब इसका दूसरा सीजन आ गया है।

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अमेज़न प्राइम पर रिलीज़ हुए पंचायत के दूसरे सीजन को भी दर्शक उतना ही प्रेम दे रहे हैं। पिछले सीजन से एक कदम आगे बढ़ते हुए कहानी में कुछ नए किरदारों की एंट्री होती है, जो दर्शकों के दिल में उसी तरह जगह बना रहे हैं, जैसे पिछले सीजन के कलाकारों ने बनाई थी। हालाँकि दर्शकों के मन पर नीना गुप्ता, रघुवीर यादव और जितेन्द्र कुमार का अभिनय इस सीजन में भी छाया रहेगा। इनके साथ ही विकास बने चन्दन रॉय और प्रह्लाद बने फ़ैसल मलिक महफिल लूट ले जाते हैं। भूषण के रोल में दुर्गेश कुमार ने भी अपनी छाप छोड़ी है। दीपक कुमार मिश्रा ने प्रभावी निर्देशन किया है।

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पिछले सीजन में जहां परिस्थितिजन्य हास्य को लोगों ने ख़ासा पसंद किया था, वहीँ इस बार इस सीरीज में कुछ पल आपको भावुक कर देंगे। ख़ासतौर पर इसका आखरी एपिसोड कईं दर्शकों की आँखों में पानी ला देगा। यदि आप भी कुछ अलग हटकर सहज अभिनय और सादगी भरी कहानी को देखना पसंद करते हैं, तो यह वेब सीरीज आपके लिए अच्छा विकल्प है।