इन सरकारी कर्मचारियों के लिए दोहरा बोनस, DA और NPA में बढ़ोतरी

उन्होंने कहा कि सरकार ने लंबे समय के बाद हमारी मांगों को पूरा किया है।

i july 2021

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) वेतन मैट्रिक्स (salary metrics) के तहत आने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है।  राज्य सरकार के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। राज्य में कार्यरत डॉक्टरों (doctors) और मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों (teachers) को एक और भत्ता मिलेगा।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक गुजरात के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों और गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी नॉन प्रैक्टिस अलाउंस (NPA ) दिया जाएगा।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल (nitin patel) ने इस भत्ते की घोषणा की। उन्होंने इसे मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों के लिए तोहफा बताया है।  डॉक्टर और शिक्षक लंबे समय से इस भत्ते की मांग कर रहे थे और राज्य सरकार पर दबाव बना रहे थे। इस फैसले के बाद इन कर्मचारियों के मासिक वेतन में काफी वृद्धि होगी।

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नितिन पटेल के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने गुजरात के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों के इस भत्ते को मंजूरी दी है। इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है। गुजरात मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (GMTA) के अध्यक्ष डॉ रजनीश पटेल ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया हैहै उन्होंने कहा कि सरकार ने लंबे समय के बाद हमारी मांगों को पूरा किया है।

इस साल मई में, गुजरात सरकार ने 7वें वेतन आयोग के तहत 6 मेडिकल कॉलेज शिक्षकों के लिए गैर-अभ्यास भत्ता को मंजूरी दी थी। कुछ महीने बाद उन्होंने 8 जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों के साथ हड़ताल वापस लेने की शर्त पर यह भत्ता दिया है। गुजरात सरकार ने 1 जुलाई से राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 11 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी, जिससे नई दर 28 प्रतिशत हो गई।

गुजरात के मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि नया डीए मूल वेतन के 17 प्रतिशत की मौजूदा दर से 11 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 28 प्रतिशत होगा, और यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को प्रदान किए जाने के बराबर था। केंद्र सरकार ने जुलाई में अपने कर्मचारियों के लिए DA 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया था। चूंकि राज्य सरकार आमतौर पर केंद्रीय डीए दरों का पालन करती है और उसी के अनुसार संशोधन करती है, इसलिए हमने भी 1 जुलाई से प्रभावी होने के लिए डीए को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने का फैसला किया है