विकास की राह पर MP, 13 रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जाएगा विकसित, मांगा प्रस्ताव

साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए कई अन्य संसाधन और उपकरण इन रेलवे स्टेशन पर शामिल किए जाएंगे।

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में एक बार फिर से मिशन मोड (Mission Mode) में कार्य की तैयारी पूरी हो चुकी है। दरअसल निकाय और पंचायत चुनाव के समाप्ति के साथ ही मध्य प्रदेश के विकास मॉडल पर गतिविधि तेज हुई है। इंदौर को 2200 करोड़ रुपए की नई सौगात मिली है। वहीं अब रेलवे (Railway) द्वारा मध्य प्रदेश के 13 रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट (Airport) जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए देशभर के आर्किटेक्चर कंपनी से प्रस्ताव की मांग भी की गई है।

दरअसल इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। रेलवे स्टेशनों के कायापलट करने का काम तेजी से शुरू किया है। बड़े स्टेशन के साथ-साथ छोटे स्टेशन में को भी इसमें शामिल किया गया है। जबलपुर मंडल के 13 स्टेशनों में एयरपोर्ट जैसी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इतना ही नहीं इन छोटे रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन से लेकर इनके सर्कुलर एरिया और प्लेटफार्म तक का कायापलट किया जाएगा। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए कई अन्य संसाधन और उपकरण इन रेलवे स्टेशन पर शामिल किए जाएंगे। रेलवे द्वारा जिन स्टेशनों के कायापलट करने की तैयारी की गई है।

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उसमें जबलपुर के अलावा 13 अन्य स्टेशन को भी शामिल किया गया। जिसमें मदन महल, सागर, मैहर, सतना, बीना, मालखेड़ी, सरई ग्राम, ब्योहारी, मकरोनिया, सिहोरा रोड, करेली, बांदकपुर, पिपरिया और अमदरा शामिल है। इन रेलवे स्टेशन को पर्यावरण अनुकूलित बनाया जाएगा। साथ ही रेलवे ट्रैक के किनारे और रेलवे स्टेशन के दोनों और खुले स्थानों को और अधिक विकसित कर इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

इसके लिए रेलवे द्वारा फंडिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। दरअसल रेलवे ने एनजीओ, धर्मार्थ संस्था सहित निगम और सरकारी निकाय और स्व सहायता समूह से भी मदद की मांग की है। इसके अलावा इन जगहों के धन अधिपति सहित जनभागीदारी भी सौंदर्यीकरण में रुचि रखते हुए इस काम में मदद कर सकते हैं। इसके लिए 7 अगस्त तक डीआरएम कार्यालय में पहुंचकर लोग, पीके श्रीवास्तव मंडल अभियंता से संपर्क कर इसपर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

बता दें कि सोमवार को इंदौर को केंद्र सरकार द्वारा 2300 करोड़ रुपए की सौगात दी गई है। इंदौर सहित आसपास के कई सड़क मार्ग को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। इससे पहले शिवराज सरकार द्वारा 2300 करोड़ की सौगात मध्यप्रदेश को दी गई थी। जिससे मध्य प्रदेश के कई जिले में फ्लाई ओवर ब्रिज सहित सड़क और तालाब निर्माण किया जाएगा।