BJP समर्थकों में सोशल मीडिया वॉर: MP समर्थक ने मंत्री रामखेलावन को बताया “पनौती”

Raigaon By-Election: रैगांव विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने 31 साल बाद जीत हासिल की है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में एक लोकसभा में 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव (MP By-Election) के परिणाम आ गए हैं और चुनाव के परिणाम के नतीजे भाजपा के पक्ष में है। BJP ने खंडवा लोकसभा के साथ-साथ 2 विधानसभा (prithvipur-jobat)  सीटों पर भी जीत दर्ज की है। हालांकि BJP के प्रदेश में शानदार प्रदर्शन के बावजूद रैगांव सीट(Raigaon By-Election) पर BJP की हार चर्चा का विषय बनी हुई है।अब इस पर नेताओं की जुबानी जंग शुरू हो गई है।

दरअसल 31 साल के बाद कांग्रेस रैगांव में सीट जीतकर इतिहास रच दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार कल्पना वर्मा को 72803 वोट मिले हैं जबकि बीजेपी उम्मीदवार प्रतिभा बागरी को 60558 वोट मिले हैं। जिसके बाद कांग्रेस ने 12245 वोटों के अंतर से रैगांव सीट पर कब्जा किया है।

रैगांव विधानसभा उप-चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कैंडिडेट प्रतिमा बागरी को मिली हार के बाद सतना सांसद गणेश सिंह और राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया वॉर शुरू हो गया है। विवाद फेसबुक यूजर्स पंकज सिंह की पोस्ट के बाद शुरू हुआ। पंकज ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि” सांसद सतना-गणेश सिंह… जिनके नेतृत्व में बीजेपी दो उपचुनाव हारी.. पहले चित्रकूट अब रैगांव”।

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जिसपर पुनीत पटेल नाम के यूजर्स ने कमेंट पर लिखा-भाजपा के लिए “पनौती” साबित हो रहे मंत्री रामखेलावन, दमोह के बाद रैगांव में भी पार्टी का बंटाधार कर दिया है। हालांकि थोड़ी देर बाद पुनीत ने अपने कमेंट डिलीट कर लिए। इससे पहले उनके कमेंट का स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया में वायरल हो गया। पुनीत सांसद समर्थक हैं, जबकि पंकज मंत्री रामखेलावन के समर्थक बताए जा रहे हैं। दोनों सतना जिले के रहने वाले हैं।

रैगांव विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने 31 साल बाद जीत हासिल की है। मीडिया से बात करते हुए, वर्मा ने कहा कि यह चुनाव सरकार और रैगांव के लोगों के बीच था और इसलिए, यह भाजपा सरकार के खिलाफ रैगांव के लोगों की जीत है। इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में बसपा की अनुपस्थिति ने रैगांव में हार का कारण बना। बसपा के पास इस सीट पर वोट हैं और चूंकि उसने चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए कांग्रेस को लाभ मिला।