Cabinet Meeting : शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, 12 स्टेट रोड पर लगेगा टोल टैक्स

शिवराज सरकार (shivraj government) ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

सीएम शिवराज सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) में 28 सितंबर मंगलवार को शिवराज कैबिनेट (cabinet meeting)  की बड़ी बैठक आयोजित की गई। देर शाम मंत्रालय में होने वाली इस बैठक (Shivraj cabinet meeting) में आंगनबाड़ी के बच्चों के पोषण आहार सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। वही माना जा रहा है कि आंगनबाड़ियों (aanganwadi) में बच्चों का पोषण आहार तैयार करने वाले प्लांट एमपी एग्रो (MP Agro) से वापस लेकर महिला स्व सहायता समूह को सौंपी गई। शिवराज सरकार (shivraj government) ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कैबिनेट ने मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2019 में संशोधन का अनुमोदन किया है। बड़े जिलों में अब एक से अधिक समूह बनाकर निविदा जारी की जाएगी। वही ई-टेंडर की प्रक्रियाओं का विकेन्द्रीकरण किया जाएगा। साथ ही रेत समूह के ठेके की अवधि जून 2023 नियत की जाएगी।

मध्य प्रदेश के 12 State road पर अब टोल टैक्स लगेगा। CM Shivraj की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। MP सड़क विकास निगम के तहत इन 12 मार्गों पर टोल टैक्स (toll tax) वसूली के लिए संग्रहण एजेंसी चुनने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यात्री वाहनों को टैक्स (tax)से छूट दी गई है।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मंत्रिमंडल (cabinet) के निर्णय के अनुसार राज्य में सड़कों के रखरखाव के लिए सरकार टोल टैक्स वसूल करेगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 12 सड़कों का चयन किया है। यात्री वाहनों को टोल टैक्स से छूट दी जाएगी। कमर्शियल वाहनों से शुल्क लिया जाएगा। टोल लगाने के लिए एजेंसी अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी।

धान की नीलामी को मंजूरी

राज्य सरकार द्वारा 6 लाख 45 हजार टन गेहूं की नीलामी के बाद अब धान की भी नीलामी होगी। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कैबिनेट ने प्रदेश में 1,250 मीट्रिक टन धान के पारदर्शी तरीके से विक्रय की अनुमति प्रदान की है। केंद्र सरकार ने अब साल 2017-18 और 2019-20 की मिलिंग से 4 लाख टन से ज्यादा धान सेंट्रल पूल में लेने से इनकार कर दिया है। नीलामी से 1400 रुपये से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल तक की राशि मिलने की उम्मीद है।

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मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी सात पोषाहार खाद्य संयंत्र महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। दिसंबर से समूहों के सात महासंघ सरकारी संयंत्रों में पोषक आहार का उत्पादन शुरू कर देंगे। नरोत्तम मिश्रा ने कहा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा 12 मार्गो पर यूजर-फ्री कलेक्शन एजेंसी के माध्यम से उपभोक्ता शुल्क लेने के प्रस्ताव को Cabinet ने अपनी मंजूरी दी है। इन मार्गो से गुजरने वाले सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से ही टोल लिया जाएगा।

हालांकि मौजूदा सरकार को भी यह फैसला लेने में डेढ़ साल लग गए, क्योंकि पोषण आहार व्यवस्था से जुड़े विभागों को राय बनाने में समय लगा है। मार्च 2020 में मुख्यमंत्री बनते ही CM Shivraj ने एमपी एग्रो से सभी सात प्लांट को वापस लेकर समूहों के संघों को सौंपने का फैसला किया था।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कैबिनेट ने मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग के विशेष संदर्भ में उनके सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन करने और राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिए मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के गठन को मंजूरी दी है।

बता दें कि 97 हजार 135 आंगनबाडी केंद्रों में 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती  माताओं एवं किशोरियों को टेक होम राशन (THR) दिया जाता है। फरवरी 2018 तक पोषाहार आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर ठेकेदारों का कब्जा था। साल 2017 में पोषाहार आपूर्ति करने वाली कंपनियों से विवाद के बाद राज्य सरकार मार्च 2018 में व्यवस्था में बदलाव किया। कैबिनेट ने 13 मार्च 2018 को MP में 7 सरकारी प्लांट लगाने का भी निर्णय लिया था, जिसमें स्वयं सहायता समूहों के परिसंघ को पौष्टिक भोजन के उत्पादन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।