UGC का बड़ा फैसला, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर पद के लिए पीएचडी की अनिवार्यता ख़त्म

UGC ने असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की सीधी भर्ती के लिए 2018 में पीएचडी अनिवार्य करने के फैसले को संशोधित करने सम्बन्धी राजपत्र को ट्विटर पर शेयर किया है साथ ही एक पोस्ट भी शेयर की है। 

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।  देश में कोरोना के हालात को देखते हुए विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उन छात्रों को एक बड़ी राहत दी है जो असिस्टेंट प्रोफ़ेसर (Assistant Professor)  पद के लिए आवेदन कर रहे हैं।  UGC ने युवाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती के लिए पीएचडी की अनिवार्यता को 2021 तक के ख़त्म कर दिया है।

विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (UGC)  बेरोजगार युवाओं की मांग और उनकी परेशानी को समझते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर पद की सीधी भर्ती के लिए पीएचडी की अनिवार्यता रद्द करते हुए इसकी तारीख को 1 जुलाई 2021 से बढ़ाकर 1 जुलाई 2023 कर दिया है।

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UGC ने असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की सीधी भर्ती के लिए 2018 में पीएचडी अनिवार्य करने के फैसले को संशोधित करने सम्बन्धी राजपत्र को ट्विटर पर शेयर किया है साथ ही एक पोस्ट भी शेयर की है।  जिसमें UGC  ने अपने फैसले की जानकारी दी है।

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गौरतलब है कि कोरोना के कारण बहुत से छात्र अपनी पीएचडी की डिग्री को पूरा नहीं कर पाए।  उन्हें फ़िक्र थी कि वे कैसे असिस्टेंट प्रोफ़ेसर पद के लिए आवेदन कर पाएंगे इसलिए बहुत से छात्रों ने पीएचडी की अनिवार्यता को ख़त्म करने की मांग की थी जिसके बाद UGC ने बेरोजगार युवाओं के बड़ा फैसला लिया है।