किसान आंदोलन : 26-27 को देश में किसानों का बड़ा आंदोलन, दिल्ली कूच करेंगे अन्नदाता

दरअसल, देश की 472 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने 3 केंद्रीय कृषि कानूनों (Agricultural-Laws) और बिजली एक्ट के खिलाफ 26-27 को दिल्ली चलो का आह्वान किया है।इसके तहत किसान ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राजधानी को जोडने वाले पांच हाइवे से 26-27 नवंबर को दिल्ली पहुंच प्रदर्शन करेंगे।

किसान आंदोलन 2020

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। चुनाव (Election) खत्म होते ही एक बार फिर देश में किसान आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो चली है।26-27 सितंबर को देश के लाखों किसान (Farmers) दिल्ली (Delhi) में प्रदर्शन करने जाएंगे।खबर है कि किसान दिल्ली में धरना प्रदर्शन से पहले ग्वालियर (Gwalior) में रानी लक्ष्मी बाई (Rani Lakshmi Bai की समाधि पर एकजुट होंगे और यहां से दिल्ली कूच करेंगे।

दरअसल, देश की 472 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने 3 केंद्रीय कृषि कानूनों (Agricultural-Laws) और बिजली एक्ट के खिलाफ 26-27 को दिल्ली चलो का आह्वान किया है।इसके तहत किसान ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राजधानी को जोडने वाले पांच हाइवे से 26-27 नवंबर को दिल्ली पहुंच प्रदर्शन करेंगे।पहले हिस्से में 26 और 27 को दिल्ली चलो में केवल दिल्ली की पेरीफेरी वाले राज्य ही हिस्सा लेंगे जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के किसान आएंगे। देश के दूसरे राज्यों के किसान उसी दिन अपने अपने राज्य, जिला स्तर और ग्राम स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।

किसान आंदोलन में इस बार 4 राज्यों के विभिन्न किसान संगठन शामिल होंगे। दिल्ली में धरना प्रदर्शन से पहले ग्वालियर में रानी लक्ष्मी बाई की समाधि पर एकजुट होंगे। इसके बाद यहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।किसानों का कहना है कि यदि उन्हें राजधानी में नहीं घुसने दिया जाता है तो दिल्ली जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया जाएगा। मांगें पूरी होने तक किसान संसद के बाहर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, ”हमें प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है नहीं, लेकिन किसान संसद (Parliament) पहुंचेंगे।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here