BJP MP ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा – जागीर नहीं उनकी जिसे..

सूत्रों ने कहा कि लेन-देन, वित्तीय बोली सौदा सितंबर तक समाप्त होने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। भारत सरकार (india government) कर्ज में डूबी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया (air india) को निजी कंपनियों के हाथों बेचने की तैयारी कर रही है। इस नीलामी प्रक्रिया (bidding process) में बोली लगाने वाले कई प्रमुख दावेदार हैं। हालांकि इनमें टाटा ग्रुप (Tata group) और स्पाइसजेट (spicejet) को मजबूत दावेदार माने जा रहा है। एक तरफ विपक्षी एयर इंडिया के asset को बेचने के खिलाफ है। वहीं दूसरी तरफ अब भाजपा सांसद (BJP MP) ने भी मोदी सरकार (Modi government) को घेरने का काम किया है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swami) ने नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि यह मोदी सरकार की जागीर नहीं है। जिसे बेच दिया जाए।

दरअसल बीते दिनों ट्विटर पर Tony_Karykarta नामक एक यूजर ने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी से भारत सरकार द्वारा एयर इंडिया को बेचने सवाल पूछा। इस दौरान Tony_Karykarta नामक यूज़र ने सुब्रमण्यम स्वामी से कहा कि भारत सरकार जहां एयर इंडिया को बेचने का विचार कर रही है। वही स्पाइसजेट के प्रमोटर अजय सिंह 1 अरब डॉलर की पूंजी जुटाने में लगे हुए हैं।

जिस पर भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया उन्होंने इस ट्वीट का रिप्लाई करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। जिसमें उन्होंने कहा कि एयर इंडिया मोदी सरकार की जागीर नहीं है, जो सरकार के दिवालियापन दूर करने के लिए इसे बेच दिया जाए।

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ज्ञात हो कि सरकार ने एयर इंडिया की वित्तीय नीलामी के लिए अगस्त के तीसरे सप्ताह की समय सीमा तय की है। एयर इंडिया पर अब तक 37, 000 करोड़ रूपए का कर्ज है। इसके साथ ही एयर इंडिया के कुछ संपत्ति की भी नीलामी की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है। जिस पर अब भाजपा सांसद ने सरकार को घेरने का काम किया है।

सूत्रों की माने सरकार ने एयर इंडिया की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और यह सौदा सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। साल्ट-टू-सॉफ्टवेयर समूह टाटा समूह उन कई संस्थाओं में से था। जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में घाटे में चल रही एयर इंडिया को खरीदने के लिए प्रारंभिक बोलियां लगाई थीं।

प्रारंभिक बोलियों का विश्लेषण करने के बाद योग्य बोलीदाताओं को एयर इंडिया के वर्चुअल डेटा रूम (VDR) तक पहुंच प्रदान की गई, जिसके बाद निवेशकों के सवालों का जवाब दिया गया। सूत्रों ने कहा कि लेन-देन, वित्तीय बोली सौदा सितंबर तक समाप्त होने की उम्मीद है।