पूर्व मंत्री का बयान- सत्ता के नशे में दूध की जगह शराब चुन रही शिवराज सरकार

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhya pradesh) में आए दिन कोरोना(corona) के बढ़ रहे मामले के बीच प्रदेश की शिवराज(shivraj) सरकार द्वारा शराब की दुकान खोलने के फैसले के बाद एक बार फिर से राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस(congress) लगातार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस फैसले पर पलटवार कर रही है। इसी बीच पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा(sajjan singh verma) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) को आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि पता नहीं सरकार को सत्ता का नशा है या शराब का। सरकार दूध और शराब में से शराब को चुन रही है। वहीं उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से कहा है कि वह अपने इलाके के हर शराब दुकान को बंद करवाने के लिए आगे आएं।

गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं उन्हें सत्ता का नशा चढ़ा है या फिर शराब का। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार द्वारा दादागिरी से शराब ठेकेदारों को डराकर प्रदेश में शराब दुकानें खुलवाई गई है। पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि अभी शराब से ज्यादा मूल्यवान वस्तु दूध है। जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चे बिलख रहे हैं। प्रदेश की माताएं परेशान है। वह अपने बच्चे को दूध तक उपलब्ध नहीं करवा पा रही हैं। डेयरी व्यापारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों की हालत खस्ता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि दूध के डेरिया खुलना अभी आवश्यक है। वहीं उन्होंने मध्य प्रदेश की सभी महिलाओं से अनुरोध किया है कि वह शराबबंदी के लिए अपने अपने इलाके में आगे आएं और शराब की दुकानों को बंद करवाए।

बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी ट्वीट करते हुए शराब पर शिवराज को घेरा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी ट्वीट में लिखा है कि इनके एक चेहरे पर कितने नकाब है। चौहान शिव ठगी और कलाकारी की राजनीति करते हैं। एमपी कांग्रेस ने कहा कि खुद तो शराब की दुकान खुलवाने के लिए सरकार ने सारी ताकत झोंक दी लेकिन दूसरी सरकारों में शराब के विरोधी बनते हैं। यह नेता नहीं बल्कि ठग के लक्षण है।