मप्र में 10% EWS आरक्षण पर HC का आदेश, नियुक्तियों पर होगी प्रोविजनल नियुक्ति की शर्त

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ईडब्लूएस आरक्षण पर रोक नहीं लगाई है लेकिन ये भी साफ कर दिया है कि ईडब्लूएस आरक्षण के तहत होने वाली नियुक्तियां कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।

जबलपुर हाईकोर्ट

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आर्थिक रुप से कमज़ोर लोगो के लिए लागू,10% EWS आरक्षण (EWS Reservation) पर हाई कोर्ट (High Court) ने एक अहम आदेश सुनाया है। ईडब्लूएस आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने ये अंतरिम आदेश सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वो आर्थिक रुप से कमज़ोर तबके को फिलहाल ईडब्लूएस आरक्षण तो दे सकती है लेकिन इस आरक्षण पर होने वाली नियुक्तियां हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी यानि अगर आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट अपने फैसले के जरिए आरक्षण को रद्द करता है तो ईडब्लूएस आरक्षण का लाभ देकर हुईं नियुक्तियां भी रद्द मानी जाएंगी।

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हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वो ईडब्लूएस आरक्षण के तहत होने वाली नियुक्तियों को इसी शर्त के साथ क्रियान्वित करे। हम आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में आर्थिक रुप से कमज़ोर वर्ग के लिए 10 % ईडब्लूएस आरक्षण लागू किया गया था। इसे याचिकाकर्ताओं के द्वारा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड;गाइडलाइन के मुताबिक आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती जबकि 27 % ओबीसी आरक्षण के बाद 10 % ईडब्लूएस आरक्षण से मध्यप्रदेश में आरक्षण 73 फीसदी हो गया है जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ है।

बहरहाल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ईडब्लूएस आरक्षण पर रोक नहीं लगाई है लेकिन ये भी साफ कर दिया है कि ईडब्लूएस आरक्षण के तहत होने वाली नियुक्तियां कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।

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