Mid day Meal: केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला- 11.8 करोड़ छात्रों को मिलेगा लाभ

केन्द्र सरकार ने 11 करोड़ 80 लाख छात्रों को विशेष राहत उपाय के तौर पर 1200 करोड़ सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। केन्द्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने देश के करोड़ों छात्रों (Student) को बड़ा तोहफा दिया है। केन्द्र सरकार ने 11 करोड़ 80 लाख छात्रों को विशेष राहत उपाय के तौर पर 1200 करोड़ सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों (Government And Private School) के कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों लाभ मिलेगा। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’  ने ट्वीट कर दी है।

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केन्द्र सरकार ने मिड डे मील स्कीम (Mid day Meal Scheme) के तहत 11.8 करोड़ स्कूली छात्रों के खाते में सीधे 100-100 रुपये भेजेगी। केन्द्र सरकार केन्द्र शासित प्रदेशों और राज्य सरकारों को 1200 करोड़ का अतिरिक्त फंड जारी किया जाएगा। यह राशि बच्चों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी जाएगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, मध्याह्न भोजन योजना के खाना पकाने की लागत अब सीधे लाभ हस्तांतरण यानी डीबीटी के माध्यम से सभी पात्र बच्चों को एक विशेष कल्याण उपाय के रूप में लाभान्वित किया जाएगा, इससे मध्याह्न भोजन को बढ़ावा मिलेगा।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Union Education Minister Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’) ने ट्वीट कर बताया है कि 11 करोड़ 80 लाख छात्रों को विशेष राहत उपाय के तौर पर यह सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। केन्द्र सरकार के इस उपाय से देश में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में एक से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को लाभ होगा।

मिड-डे मिल योजना

मध्याह्न भोजन योजना (मिड-डे मिल) 15 अगस्त 1995 को शुरू की गई थी. इसे ‘नेशनल प्रोग्राम ऑफ न्यूट्रिशनल सपोर्ट टू प्राइमरी एजुकेशन’ (NP-NSPE) के तहत शुरू किया गया था। साल 2017 में केन्द्र सरकार ने इस एनपी-एनएसपीई का नाम बदलकर ‘नेशनल प्रोग्राम ऑफ मिड डे मील इन स्कूल’ कर दिया गया, जिसके बाद से यही नाम प्रचलित हो गया है।

इन्हें मिलता है लाभ

इस योजना का उद्देश्य वंचित और गरीब वर्ग के बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के साथ पौष्टिक भोजन मुहैया कराया जा सके, इसके लिए दोपहर भोजन योजना शुरू की गई थी। इस भोजन योजना का लाभ सरकारी स्कूल, सरकार से फंड प्राप्त स्कूल, स्थानीय निकाय जैसे कि नगर निगम या नगर पालिका के स्कूल, स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर , मदरसा और मकतबों में पढ़ने वाले छात्रों को दिया जाता है। यह योजना सर्व शिक्षा अभियान के तहत चलती है।