आउटसोर्स कर्मचारियों और बिजली बिलों को लेकर प्रद्युम्न सिंह तोमर का बड़ा बयान

तोमर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की दुर्घटना में मृत्यु पर उनके परिवार के किसी व्यक्ति को आउटसोर्स में रखने की व्यवस्था करें।सभी कर्मचारियों को सुरक्षा के सभी उपकरण उपलब्ध करवाये जायें।

प्रद्युम्न सिंह तोमर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। शिवराज सरकार (Shivraj Government) में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) का आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। तोमर ने साफ कहा है कि निर्धारित दर के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है, इस पर रोक लगाएं। दुर्घटना होने पर नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत राहत दिलाई जाये। आउटसोर्स कर्मचारियों का बीमा भी नियुक्ति के तुरंत बाद करवायें।

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दरअसल, यह बातें ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंत्रालय में ऊर्जा विभाग (Department of Energy) की समीक्षा बैठक के दौरान कही। तोमर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों (Outsourced Employees) को निर्धारित दर पर वेतन दे। दुर्घटना (Accident) होने पर नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत राहत दे। आउटसोर्स कर्मचारियों का बीमा भी नियुक्ति के तुरंत बाद कराएं।

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तोमर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की दुर्घटना में मृत्यु पर उनके परिवार के किसी व्यक्ति को आउटसोर्स में रखने की व्यवस्था करें।सभी कर्मचारियों को सुरक्षा के सभी उपकरण उपलब्ध करवाये जायें। हर साल उनकी ट्रेनिंग करवायें। वितरण केन्द्र स्तर पर वाहन देने के साथ ही वहाँ के मेंटीनेंस के लिये भी राशि का प्रावधान करें। वितरण केन्द्रों का नियमित निरीक्षण भी सुनिश्चित करें।

ट्रांसफार्मर और बिजली मीटर किस आधार पर खरीदें

ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि ट्रांसफार्मर और बिजली (Electricity) मीटर किस आधार पर खरीदे गये हैं, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आगे से वास्तविक डिमांड के आधार पर ही इनकी खरीदी की जाये। जिस कम्पनी के मीटर टेस्टिंग में 5 प्रतिशत से ज्यादा खराब होते हैं, उन्हें ब्लेक लिस्ट करें। जितनी सामग्री खरीदने के आदेश हुए हैं, उतनी खरीदी हुई है कि नहीं, इसका परीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। स्क्रेप मटेरियल और कंडम वाहनों की नीलामी समय-सीमा में करें।

नियमानुसार क्या करेंगे और क्या नहीं स्पष्ट करें

ऊर्जा विभाग अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विभाग  से संबंधित सभी योजनाओं के लिये नियमानुसार क्या करेंगे, क्या नहीं करेंगे यह स्पष्ट होना चाहिए। इससे परे जाकर जो कार्य करे उसकी जवाबदारी फिक्स हो। किसानों को बिजली के अस्थाई कनेक्शन नियमानुसार समय-सीमा में दिये जायें। ओ.वाय.टी. योजना के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर लगाये जायें। विद्युत वितरण कम्पनी (Power Distribution Company) के स्टोर से ही ट्रांसफार्मर (Transformer) देने की व्यवस्था की जाये।

सौभाग्य योजना में गड़बड़ी करने वालों पर हो कार्रवाई

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना (Saubhaagy Yojana)  में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। सभी गाँव में निर्धारित समय अनुसार बिजली की आपूर्ति की जाये। कम्पनी में विभिन्न स्तर पर बचत करने के लिये एक साल का प्लान बनायें। इस प्लान का कड़ाई से पालन करें। वितरण हानि (लाइन लॉसेस) को कम करने की भी 6 माह की कार्य-योजना बनायें। मॉडल के तौर पर एक जिला/शहर का चयन कर वहाँ मीटर रीडिंग की पुख्ता व्यवस्था और मीटर रीडर ही वसूली का कार्य भी करे। बड़े बकायादारों की रात में मीटर रीडिंग की रिकार्डिंग की जाये और अनियमितता पर कार्यवाही की जाये। बड़े बकायादारों के विरुद्ध कार्यवाही करें।