जबलपुर/संदीप कुमार

देश भर में हुए लॉक डाउन के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आई है जिसने समाज को शर्मसार किया है। इंदौर हो या भोपाल, यहां स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस महकमे के लोग असामाजिक तत्वों द्वारा हमले के शिकार हुए है। ऐसे में देश की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर ने एक नज़ीर पेश की जो मिसाल बन गई है उन लोगों के लिए जो कि समाज के दुश्मन बने हुए है।

जबलपुर में लॉक डाउन के दौरान प्रशासनिक नियमों का पालन करवा रही पुलिस पर लोगों ने मंगलवार को फूलों की बारिश की। ये वाक्या है हनुमानताल क्षेत्र का जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कोरोना के दौरान अपनी ड्यूटी कर रहे लोगों पर फूलों की बरसात की।पुलिस जब वहां से गुजरी तो ये नज़ारा देखते ही बनता था। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर छतों में खड़े होकर उनका इस्तकबाल कर रहे थे और उन पर फूल भी कुछ इस तरह डाले जा रहे थे मानो जैसे फूलों की बारिश हो रही हो। स्थानीय लोगों की मानें तो कोरोना की महामारी धर्म या जाति देखकर नही आती। ऐसे में इंसानियत की खिदमत कर रहे लोगों का वे न सिर्फ स्वागत करेंगे बल्कि प्रशासन के हर हुक्म की तामील भी करेंगे।मुस्लिम समुदाय के इलाके के इस तरह का स्वागत देखकर पुलिस भी बेहद प्रसन्न नजर आई। पुलिस भी इस तरह का स्वागत पाकर अपने चाहने वालो का हाथ जोड़कर आभार जता रही थी। साथ ही सबसे अपील कर रही थी कि मुश्किल की इस घड़ी में वो उनका साथ दें और घरों के अंदर ही रहें।