दिग्विजय के प्रति संघ के नरम रवैये के मायने

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भोपाल।  हमेशा बीजेपी और आरएसएस के निशाने पर रहे दिग्विजय सिंह के मामले में संघ के एक पदाधिकारी का बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जब भी कोई बयान देते हैं, भाजपा और आरएसएस के लोग उन पर राष्ट्रविरोधी होने के आरोप लगाकर उन्हें अधार्मिक तक करार देते हैं। लेकिन मंगलवार को आर एस एस के मध्य प्रांत संघचालक अशोक पांडे के एक बयान ने राजनीतिक पंडितों को आश्चर्य में डाल दिया। 

दरअसल पांडे से दिग्विजय सिंह की भोपाल से चुनाव लड़ने के बारे में जब पूछा गया और सवाल किया गया कि दिग्विजय सिंह हमेशा संघ को प्रतिबंधित करने की हिमायती रहे हैं तो पांडे का जवाब था कि दिग्विजय सिंह भी हमारे लिए हिंदू समाज के ही एक व्यक्ति हैं और संघ का काम हिंदू समाज संगठन को एक करना है। पांडे ने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह क्या करते हैं, यह हमारे विचार का विषय नहीं है। भोपाल से दिग्विजय की चुनाव लड़ने पर संघ की क्या रणनीति होगी, इस बारे में सवाल पूछे जाने पर पांडे ने कहा कि मतदाता का विशेषाधिकार है कि वह किस व्यक्ति को चुनाव में वोट देता है । हमारे स्वयंसेवक लोगों से केवल यह आग्रह करेंगे कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज की सुरक्षा और आपसी भाईचारे को लेकर वोट करें ना की जाति विशेष धर्म विशेष या व्यक्ति विशेष को ध्यान में रखकर। पांडे का यह  बयान उस समय आया है जो भोपाल से कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही दिग्विजय सिंह पर बीजेपी के बड़े नेता तीर पर तीर चला रहे हैं। ऐसे में भाजपा की शीर्ष नियंत्रक संस्था आर एस एस के एक पदाधिकारी का यह बयान निश्चित ही चौंकाने वाला है।