MP School: सरकारी स्कूलों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सीएम हाऊस (CM House) के किचन गार्डन (Kitchen Garden) का नाम भी 'माँ की बगिया' रखूंगा। 

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना काल में स्कूल (School) बंद होने के चलते छात्रों (Student) को लेकर प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) नित नए फैसले ले रही है।अब सरकारी स्कूलों (Government Schools) को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत MP के स्कूलों में पोषण वाटिकाओं का नाम अब किचन गार्डन नहीं बल्कि ‘मां की बगिया’ होगा।इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सीएम हाऊस (CM House) के किचन गार्डन (Kitchen Garden) का नाम भी ‘माँ की बगिया’ रखूंगा। 

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यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिंटो हॉल (Minto Hall) से प्रदेश में निर्मित 2500 किचन शेड और 7100 पोषण वाटिकाओं के लोकार्पण के दौरान  कही। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा है कि मनरेगा (MANREGA) के कन्वर्जेंन्स से हर शासकीय स्कूल में पोषण वाटिका (किचन गार्डन) बनवाए जाएंगे। स्कूलों (School) में जगह न होने पर गांव में अन्य स्थान पर भी पोषण वाटिका (Nutrition Garden) बनाई जा सकती है। अब पोषण वाटिका का नाम ‘माँ की बगिया’ होगा। स्कूल की स्वच्छता एवं माँ की बगिया के विकास एवं संरक्षण में विद्यार्थियों का पूरा योगदान लिया जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भोपाल (Bhopal) जिले के फंदा की प्राथमिक शाला, सिंकदराबाद की स्व-सहायता समूह की रसोइया सुनीता मारन ने बताया कि उन्होंने स्कूल में बनाई गई पोषण वाटिका का नाम ‘माँ की बगिया’ रखा है। इस पर यह उपयुक्त नाम है। अब प्रदेश की सभी पोषण वाटिकाओं को ‘माँ की बगिया’ कहा जाएगा। मैं सीएम हाऊस के किचन गार्डन का नाम भी ‘माँ की बगिया’ रखूंगा।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले बच्चे अपने स्कूल में स्वच्छता तथा स्कूल की तरक्की में अपना पूरा योगदान देते थे। हम तो अपने स्कूल में झाड़ू लगाते थे। स्कूल की स्वच्छता आदि के काम में कोई शर्म नहीं है। विद्यार्थियों को यह काम करना चाहिए।भोजन हितभुक अर्थात शरीर के लिए लाभदायी, मितभुक अर्थात सीमित मात्रा में तथा ऋतुभुक अर्थात मौसम के अनुरूप होगा, तभी हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। स्कूल में पोषण वाटिका बनाने का उद्देश्य है बच्चों को ताजी व अच्छी सब्जियां मध्यान्ह भोजन के लिए मिल सकें।

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