Suspend: धोखाधड़ी और अभद्र टिप्पणी पर कार्रवाई, SP ने आरक्षक और ASI को किया निलंबित

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में अधिकारी कर्मचारी की लापरवाही और धोखाधड़ी के मामले में लगातार कार्रवाई जारी है। इसी बीच अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर (gwalior) जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने एएसआई (ASI) को निलंबित (suspend) किया है। वही एक दूसरे मामले में इंटरनेट मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।

दरअसल मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले का है। जहां एक मामले में झूठा रोजनामचा लिखने के कारण ASI रामेंद्र सिंह सिंगर को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल इस मामले की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही थी। वहीं SP ने यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश पर की है।

जानकारी के मुताबिक धनौली निवासी दीपक जैन का सकुमा कंपनी से तेल लेने के लिए करार किया गया था। जिसके बाद कंपनी को 2 करोड़ भुगतान किए गए थे लेकिन कंपनी ने 33 मेट्रिक टन तेल के हेराफेरी कर लिया। जिसके बाद 2016 में निवासी दीपक जैन ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कराया था। हालांकि केस दर्ज किया गया लेकिन पुलिस ने जांच के बाद खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी।

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हालांकि कोर्ट द्वारा खात्मा रिपोर्ट को गलत माना और दोबारा जांच के आदेश दिए थे। बावजूद इसके पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद एक बार फिर से दीपक जैन ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिस पर अब उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि पुलिस इस मामले में काफी गड़बड़ी बरती गई है वहीं झूठा रोजनामचा लिखने के मामले में कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी रामेंद्र सिंह सेंगर पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसके बाद SP ने कार्रवाई करते हुए ASI रामेंद्र सिंह सिंगर को निलंबित कर दिया है।

अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर SP ने आरक्षक को किया निलंबित

इधर एक दूसरे मामले में एक आरक्षक द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर पुलिस अधीक्षक अमित सांगी द्वारा आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक इंटरनेट मीडिया पर स्वास्थ विभाग की लापरवाही के कारण मरीजों की संख्या बढ़ने की खबर पोस्ट की गई थी। जिस पर आरक्षक काफी भड़क गया। उसने अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया।

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पदस्थ आरक्षक धर्मेंद्र पाठक (dharmendra pathak) द्वारा अभद्र टिप्पणी करने की जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप (whatsapp group) पर वायरल की गई। जिसके बाद अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले आरक्षक धर्मेंद्र पाठक को ग्रुप से तत्काल हटा दिया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक अमित सांगी द्वारा उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

बता दें कि आरक्षक द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर टिप्पणी की गई थी। इसमें लिखा गया था कि चुनाव आते ही कोरोना खत्म हो जाता है। वही त्यौहार और अन्य कार्यक्रम में कोरोना बढ़ जाता है। जिसके बाद आरक्षक धर्मेंद्र पाठक को काफी समझाया लेकिन जब वह शांत नहीं हुआ तो एडमिन द्वारा उसे ग्रुप से हटा दिया गया था।

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