PM Modi की बड़ी घोषणा, तीनों किसान कानून लिए वापस, किसानों से घर लौटने की अपील

अपने संबोधन के ठीक बाद, PM Modi उत्तर परदेश जाएंगे।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। पीएम मोदी (PM Modi) आज सुबह 9:00 बजे राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा की है। गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व पर बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 80 फीसद के साथ छोटे है। उनकी परेशानी सरकार की परेशानी है, जिसके बाद किसानों के लिए पीएम मोदी ने बड़ी घोषणा की है।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों किसान कानून को वापस ले लिया गया है। प्रधानमंत्री ने नई शुरुआत करने, नई पहल शुरू करने का आह्वान किया। पीएम ने किसानों से अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने और घर लौटने की अपील की। हमने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया ।है मैं देशवासियों से माफी मांगता हूं कि हम किसानों के एक वर्ग को विश्वास में नहीं ले पाए।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सुबह 9 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने एक बड़े फैसले में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि उनकी कैबिनेट अगले महीने फैसला लेगी। पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा आने वाले संसद सत्र में हम इन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संवैधानिक उपाय करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपना आंदोलन खत्म करने और अपने घरों को लौटने की अपील की।

तीन कानून किसानों के हित में थे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद हम किसानों के एक वर्ग को नहीं समझा सके। पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान कहा, “आज मैं सभी को बताना चाहता हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसानों को उनकी मेहनत के लिए सही राशि मिले, कई कदम उठाए गए। हमने ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बाजार को मजबूत किया। हमने न केवल एमएसपी बढ़ाया बल्कि रिकॉर्ड सरकारी खरीद केंद्र भी स्थापित किए। हमारी सरकार द्वारा खरीद ने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ा।

इसकी जानकारी देते हुए मोदी ने कहा कि 80 फ़ीसदी किसान छोटे लगातार खेती की जमीन परिवार में बंटवारे के चलते छोटी होती जाती है ऐसे किसानों की मदद के लिए सरकार ने बीमा बचत और बाजार पर ध्यान दिया है हमने देशभर में रिकॉर्ड सरकारी खरीद केंद्र बनाए हैं कृषि कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है हर साल सवा लाख करोड रुपए खेती पर खर्च किए जा रहे हैं।

छोटे किसानों को बीमा के साथ-साथ पास भंडारण की सुविधा पास में ही हो रही है। हमने फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाने की इच्छा में काम किया है। माइक्रो इरिगेशन फंड को दोगुना किया गया है क्रॉप लोन भी दोगुना कर दिया गया है। जो इस साल 16 लाख करोड़ पर हो जाएगा।

हमने किसानों को उचित दरों पर बीज उपलब्ध कराने और सूक्ष्म सिंचाई, 22 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया। ऐसे कारकों ने कृषि उत्पादन में वृद्धि में योगदान दिया है। हमने फसल बीमा योजना को मजबूत किया, अधिक किसानों को इसके तहत लाया। कृषि बजट में 5 गुना की वृद्धि, सालाना 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा रहा है।

हमने अपने पांच दशकों के जीवन में किसानों की चुनौतियों को बहुत करीब से देखा है। 2014 में जब देश ने हमें प्रधान सेवक के रूप में सेवा करने का मौका दिया, तो हमने कृषि विकास, किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पीएम मोदी ने कहा किसानों की स्थिति में सुधार के लिए केंद्र द्वारा उठाए गए उपायों की सूची दी। पीएम मोदी ने गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “मैं दुनिया के सभी लोगों और सभी देशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं। दुनिया के सभी लोगों और सभी देशवासियों को मेरी हार्दिक बधाई।”

पीएम मोदी ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एक न्यायपूर्ण, दयालु और समावेशी समाज की उनकी दृष्टि लोगों को प्रेरित करती है। प्रधान मंत्री ने झांसी की रानी रानी लक्ष्मीबाई को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जो ब्रिटिश सेना से लड़ते हुए मर गईं।

उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में उनका एक विशेष स्थान है और उनकी बहादुरी को पीढ़ियों द्वारा भुलाया नहीं जा सकेगा। प्रधानमंत्री शुक्रवार को विकास परियोजनाओं को शुरू करने और तीनों सैन्य प्रमुखों को स्वदेशी रक्षा उपकरण सौंपने के लिए झांसी की यात्रा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।